पांचवे दिन की सुबह भारतीय टीम को जीत की दहलीज पर करने के लिए केवल 10 मिनट और 17 गेंद लगी.भारत की जीत के बाद ऐसा लगा ज्यों इतिहास ने खुद को दोहराया हो. भारत की ने ऐसी ही जीत राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में सन 2007 में पाई थी, और वह काफी यादगार जीत थी.

 

इस जीत के बाद भारत 2-1 से सीरीज में वापसी कर चुका है और चौथा मैच साउथम्पटन में खेला जायेगा. चौथे टेस्ट मैच में अभी 8 दिन बाकी हैं और भारतीय कोच ने यह भरोसा दिलाया है कि भारत उसी सकारात्मकता के साथ खेलेगा जैसे तीसरे मुकाबले में खेला है.

203 रनों की जीत के बाद कोच ने कहा है कि टीम चौथे मुकाबले में ताजगी के साथ, अच्छी मानसिकता दर्शा कर खेलेंगे. शुरुआती दो हारों के बाद टीम को जीत की काफी ज्यादा जरूरत थी. यह सिरीज चुनौती और फाइटबैक का नायाब नमूना बन चुकी है.

 

गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों ही शुरुआती दो मुकाबलों में काफी खराब रही. तीसरे मुकाबले में तेज गेंदबाजों ने 20 में से 19 विकेट लिये. हार्दिक पांड्या और जस्प्रित बूमराह ने फाइफर लिया. मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा भी काफी मददगार रहे.

 

कोहली ने बताया कि वे काफी खुश हैं क्योकि सीरीज के चार तेज गेंदबाज भारतीय ही हैं. कोहली के अनुसार तीसरे मुकाबले में हम तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण ही जीत पाए, हमने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग का अच्छा मिश्रण पेश किया.

 

 

कोहली ने कहा कि इस जीत के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम में सकारात्मकता आई है, पहले दो मुकाबलों को हारने की निराशा जा चुकी है. दो लगातार हारों के बाद कई खिलाड़ी बुरी तरह निराश हो जाते हैं, और मानसिक रूप से वापसी नहीं कर पाते पर हमने जीतकर मानसिक स्तिथि मजबूत कर ली. टीम मैच के बाद फैन्स से मिलेगी और परिवार के साथ अगले चार दिन तक वक़्त बितायेगी.