अटल बिहारी वाजपेयी और भारतीय क्रिकेट 

 

कल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 93 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई. चहेते प्रधानमंत्री को भारत रत्न से भी नवाजा जा चुका है. अपने कार्यकाल के दौरान उनका भारत और पाकिस्तान के बीच सीरीज कराने का सपना था.
दोनों टीम के बीच शृंखला कराने का सपना उनका 2004 में पूरा हुआ जब भारत बनाम पाकिस्तान शृंखला में कुल 5 एकदिवसीय और 3 टेस्ट मुकाबले खेले गये. उस वक़्त भारत के कप्तान सौरव गांगुली थे और 19 सालों बाद भारत पाकिस्तान के दौरे पर था.

 

पाकिस्तान जाने से पहले अटल जी टीम से मिले और वहां उन्होने सभी खिलाड़ियों से बातचीत करी. उन्होने भारतीय टीम को केवल प्रेरित ही नहीं किया बल्कि सौरव गांगुली को एक तोहफा भी दिया. उन्होने गांगुली को एक बल्ला तोहफे में दिया जिसमें लिखा था कि, “खेल ही नहीं, दिल भी जीतीये – शुभकामनाएं” जिसका अर्थ था वहां आपको केवल जितना ही नहीं बल्कि दिल भी जितना होगा.

 

रिकॉर्ड की माने तो कुल 2000 फैंस को पाकिस्तान का वीजा दिया गया था. ताकि वे वहां जाकर दोनों प्रतिद्वंद्वीयों के बीच मुकाबला देख सकें. भारत और पाकिस्तान के बीच काफी दोनों बाद क्रिकेट खेला जा रहा था. उस सितारों से भरी टीम में : सचिन तेंदुलकर, मोहम्मद कैफ, राहुल द्रविड़, युवराज सिंह और कई अन्य सितारे थे.

 

अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया सभी ने

 

पूर्व भारतीय टीम मैनेजर ने कहा कि, ” वाजपेयी जी के कारण ही यह दौरा तय हुआ था. वे क्रिकेट के जरिये दोनों देशों के बीच रिश्ते सही करना चाहते थे. बीसीसीआई ने यह दौरा उनकी सरकार के कहने पर किया गया था.”
शेट्टी ने वह दिन याद करते हुए कहा, ” जब हम पाकिस्तान के लिए निकलने वाले थे तब हमें प्रधानमन्त्री के कार्यालय से संदेशा आया कि वे हमसे मिलना चाहते हैं. “

 

सूत्रो के अनुसार जब भारतीय टीम ने वहा सीरीज जीती तब अटल जी ने सौरव गांगुली को फोन करके बधाई दी थी.