मुकदमा

क्रिकेट का सबसे ज्यादा अपेक्षित संघर्षों में से एक, भारत बनाम पाकिस्तान एशिया कप 2018 जो की बुधवार को होने वाला है। दुर्भाग्यवश, यह दोनों देशों के बीच एकमात्र मुक़ाबला नहीं है। ऐसा लगता है कि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियामक मंडल)पीसीबी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) के साथ मैदान से बाहर निकलने जा रहा है।

यह दोनों देशों के बीच किसी भी क्रिकेट फॉर्मेट का लम्बे समय तक क्रिकेट न खेले जाने का कारण है। युद्ध शुरू हुआ जब पीसीबी ने बीसीसीआई को पिछले साल भाग न लेने के लिए जिम्मेदार ठहराया और आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय
क्रिकेट परिषद) को भी आधिकारिक शिकायत दायर की। इस कदम को लेकर पीसीबी ने लगभग 70 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लिए बीसीसीआई से नुकसान की मांग की।

सुनवाई

सुनवाई दुबई में 1-3 अक्टूबर के बीच आयोजित की गई है। इस मामले को देखकर आईसीसी में विवाद पैनल होगा। माननीय माइकल बेलॉफ क्यूसी के नाम से अंग्रेजी बैरिस्टर की अध्यक्षता में इसकी बात चीत की जायगी। माइकल बेलॉफ ब्लैकस्टोन चैम्बर के सदस्य भी हैं।

भारतीय कानून फर्म सिरिल अमरचंद, जो बीसीसीआई के साथ पहले से ही काम करती है, उन्हें दुबई में सहायता देगी। मामला यूएइ में और अंग्रेजी कानूनों के तहत सुना जाएगा। दोनों पक्षों के लिए यूनाइटेड किंगडम में स्थित कानूनी विशेषज्ञों से कानूनी सलाह लेने को महत्वपूर्ण बना दिया है ।

मामला

यह बताया गया है कि बीसीसीआई के सचिव अमिताभ चौधरी, राहुल जोहरी के साथ सीईओ और सीरिल अमरचंद और हरबर्ट स्मिथ के वकील ने मंगलवार दोपहर दुबई में एक लम्बी बैठक की थी।

पिछली बार भारत ने एक टेस्ट मैच में पाकिस्तान का सामना किया था,जो की ग्यारह साल पहले 2007 में था। भारत ने पांच साल पहले पाकिस्तान के साथ एक दिवसीय मैच खेला था। दोनों देशों के बीच किसी भी अतिरिक्त क्रिकेट की कमी से पीसीबी ने यह शिकायत दर्ज कराई है।