विराट कोहली ने कप्तान के तौर पर अब तक 37 मुकाबले खेले हैं. उन्होने अब तक कभी भी सेम प्लेयिंग एलेवन नहीं खिलाया है. वे अब तक टीम में बदलाव करते हुए आये हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि विराट अपनी कप्तानी में काफी विचलित हैं. वो किसी भी टीम मेट का करियर बचाने की कोशिश नहीं करते, वे कहते है कि हैं कि, “कोई भी सदा नहीं खेल सकता.”

 

इंग्लैंड में पारिस्थितियां काफी हद तक खराब हो चुकी हैं, पर कोहली ने कहा है कि उन्हे जितना है लोगों को करियर नहीं बचाने. कई विशेषज्ञों का मानना है कि कोहली की यह नीतियां काफी गलत है पर कोहली अपने विचारों पर अडिग हैं और इसे काफी सही योजना मानते हैं.

 

कोहली यह कहने में बिल्कुल संकोच नहीं करते कि उनसे इतिहास में गलतियां हुई हैं. हालांकि वे जीतने पर केंद्रित हैं. आने वाले मुकाबलों के लिए दो बदलाव जस्प्रित बूमराह की वापसी और ऋषभ पंत का पदार्पण है. गौरतलब है कि कुलदीप यादव और दिनेश कार्तिक को बाहर बैठना पड़ेगा. अब तक सभी की समझ से यह बाहर है कि यादव को लॉर्ड्स के मैदान पर क्यूँ खिलाया गया था. कोहली ने बूमराह के बारे में कहा कि वे एक आक्रामक गेंदबाज हैं और सही जगह टप्पा डालकर बल्लेबाज को गुमराह कर सकते हैं. वे टीम के लिए काफी सहायक होंगे.

 

 

कोच रवि शास्त्री दिनेश कार्तिक के निष्कासन को छुपाये रखना चाहते थे, पर यह सभी को पता था लगभग. इसी कड़ी में एक और गुत्थी है कि उमेश यादव ने जब 3 विकेट लिये थे तब उन्हे बाहर क्यूँ बैठना पड़ा.
भारतीय टीम इंग्लैंड में लगातार संघर्षरत है. और भारतीय कप्तान लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किस तरह विजय पताका लहराई जाये. उनके अनुसार हार या जीत का लोग विवाद बना रहे हैं, ऐसा कुछ नहीं हैं. अब देखने लायक होगा कि क्या कोहली की योजनाएं सच में कार्य करती हैं.