पाकिस्तानी क्रिकेट का यह हीरो बन सकता है पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री

पाकिस्तान के विश्व कप विजेता कप्तान, पाकिस्तान के महामहीम बनने से बस चंद कदमों की दूरी पर हैं. 

 

बुधवार तक पाकिस्तान में आधे से ज्यादा इलाकों के वोट गिनने के बाद, तहरीक – ए – इंसाफ आगे चल रही है. गौरतलब है कि इमरान खान इस पार्टी की ओर से प्रधान मंत्री पद के दावेदार हैं.
इमरान को ” आल राउंड” प्रदर्शन के लिए, उन्हे नवाजा गया था. गौरतलब है कि उन्होने 75 मैच में 3000 रन के साथ कुल 300 विकेट बनाए थे.

 

यह दूसरा सबसे तेज किर्तिमान था, क्योकि इसके पहले इयान बाथम ने इस रिकॉर्ड को 72 टेस्ट मैच में ही पा लिया था. नंबर 6 पर खेलते हुए उनकी औसत विश्व में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा है. उनकी औसत 61.86 है.
जनवरी 1992 में इमरान ने अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था, जो कि श्रीलंका के खिलाफ फैसलाबाद में खेला गया था. 1992 में विश्व कप जीतने के बाद इन्होने क्रिकेट से सन्यास ले लिया था. अब वे एक राजनेता बन चुके हैं, और राजनीति में सक्रिय हैं.

 

 

 

इमरान का राजनीतिक करियर 

 

इमरान ने अपनी 1996 में अपनी खुद की पार्टी बनाई थी, ऐसा उन्होने क्रिकेट से सन्यास लेने के चार साल बाद किया था. पाकिस्तानी सेना का समर्थन करते हुए उन्होने कहा था कि ये पाकिस्तानी सेना है ये हमारी सेना है. ये हमारी दुश्मन नहीं.

 

खान ने सेना के नियमों का भी समर्थन किया है. 
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खान ने कहा कि, “दोनों देशों के बीच क्रिकेट खेला जाना काफी अच्छा है. इससे दोनों देशों के बोर्ड को फायदा मिलेगा.” उन्होने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड वैसे भी आर्थिक रूप से काफी धनी है, और इन सीरीज से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भी फायदा मिलेगा. उन्होने कहा, “हमारे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, पर हमें खेल में काफी पैसा निवेश करना है ताकि घरेलू स्तर पर लोग क्रिकेट की ओर लुभान्वित हो.”

 

88 टेस्ट मैच की 126 पारियों में खेलते हुए, इमरान ने कुल 37.69 कि औसत से 3807 रन बनाए थे.  उन्होंने एक गेंदबाज के तौर पर भी अच्छा प्रदर्शन किया था और कुल 362 विकेट लिए थे. वे ऐसा करने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी थे. एकदिवसीय क्रिकेट में उन्होने 175 मैच में खेलते हुए, 33.41 की औसत से कुल 3709 रन बनाए थे. 1991 में इमरान ने एक चैरिटी हॉस्पिटल खोला था, जिसमे कैंसर का इलाज किया जाता है. गौरतलब है कि यह उन्होने अपनी मां की याद में खुलवाया था. 2010 में उन्हे आईसीसी हाल आॅफ फेम में शामिल किया गया था.

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