भारत 2014 के बाद, चार साल बाद इंग्लैंड के दौरे पर है, पर इन चार सालों में कुछ भी नहीं बदला. भारतीय टीम का प्रदर्शन पुराने जैसा ही है. भारत अपना पहला मुकाबला एडजस्टेन में और दूसरा मुकाबला लॉर्ड्स में हार चुका है. भारतीय चयनकर्ता असमंजस में है, और टीम का प्रदर्शन दिन ब दिन गिरता चला जा रहा है. टीम में केवल विराट ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और बाकी सब खिलाड़ी ज्यों के त्यों होते जा रहे हैं. हर दूसरा खिलाड़ी अपनी फ़ॉर्म से बाहर है. इससे परिणामों पर असर पड़ रहा है. अब यह देखने लायक होगा कि क्या भारतीय चयनकर्ता नए किसी टैलेंट को टीम में मौका देते हैं, ताकि वे आकर मौजूदा खिलाड़ियों के साथ सामंजस्य बिठाकर टीम को जीत की दहलीज पार करा सके. क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार यहाँ पांच खिलाड़ी हैं जो आने वाले समय में या इसी इंग्लैंड के दौरे पर भारतीय टीम. में चुने जा सकते हैं. वे खिलाड़ी हैं :-

 

1) पृथ्वी शा 

 

 

अंडर 19 विश्वकप विजेता कप्तान के पास टेस्ट खेलने की शानदार तकनीक है, जो मौजूदा टीम में कहीं नजर नहीं आती. भारत को भविष्य और वर्तमान में ऐसी तकनीक की आवश्यकता है. पृथ्वी तरह तरह की स्किल का एक बेजोड़ नमूना है, वे रनों की गति भी बदल सकते हैं, और टिक कर मैदान पर रुक भी सकते हैं. वे किसी गेंद पर छह भी मार सकते हैं, और अगली ही गेंद पर वे क्लासिक डिफेंस भी कर सकते हैं.

 

2) मयंक अग्रवाल 
इस सूची में पृथ्वी शा के बाद उन्ही के साथी सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल का नाम आता है. महान भारतीय बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने कहा था कि मयंक काफी समझदार हैं, उन्हे अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह मिलनी चाहिये. मयंक ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट मैच में एक दोहरा शतक लगाया था.
3) श्रेयस अय्यर
इस सूची में तीसरा नाम श्रेयस अय्यर का है जो कि मयंक अग्रवाल और पृथ्वी शा के ही टीम मेट हैं. गेंदबाजों को बल्ले से सबक सिखाने में श्रेयस माहिर हैं. वे तब चर्चा में आये जब दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हे, 2.6 करोड़ की राशि में खरीदा था. उस सीजन में वे काफी ज्यादा अच्छे रहे. उन्होने 14 मुकाबलों में कुल 439 रन बनाए. अय्यर ने रणजी में 73.38 की औसत से कुल 1321 रन बनाये और टीम को जीत की दहलीज पार कराकर, 41वीं बार रणजी विजेता बनाया. अय्यर के दम पर ही मुंबई ने रणजी जीती थी.

 

4)नवदीप सैनी 
दायें हाथ के तेज गेंदबाज नवदीप सैनी अपनी गेंदबाजी के कारण राष्ट्रीय टीम में चुने जा सकते हैं. नवदीप की गेंदबाजी काफी अच्छी है और इंग्लैंड की परिस्थितियों में वे काफी मददगार साबित हो सकते हैं, इसीलिए हो सकता है कि आने वाले दिनों में वे इंग्लैंड दौरे पर चुने जायें.

 

5)रजनीश गुरबानी 
पढ़ाई से सिविल इंजीनियर, रजनीश दायें हाथ के तेज गेंदबाज हैं और भुवनेश्वर के उत्तराधिकारी माने जाते हैं. भारतीय टीम अपनी भुवनेश्वर को बुरी तरह मिस कर रही है, इंग्लैंड में भुवनेश्वर गेंद और बल्ले से काफी कमाल करते हैं. ऐसे में रजनीश भुवनेश्वर की जगह ले सकते हैं.