पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा कि धोनी को बल्लेबाजी में सुधार करना होगा!

धोनी को आगे आने की जरूरत है –

 

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने एक इंटरव्यू के दौरान भारतीय टीम की सातवीं एशिया कप जीत पर काफी सराहना की। दुर्भाग्य वश टीम की सराहना करते हुए प्रसाद ने टीम के हर सदस्य की सराहना नहीं की, और खास तौर पर उन्होने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर निशाना साधते हुए काफी कुछ कहा। प्रसाद ने रोहित शर्मा की बात करते हुए कि कप्तान बल्ले के साथ और अपनी योजनाओं में लय में नजर आए पर धोनी से मैं काफी निराश हूं।

 

प्रसाद ने कहा कि पिछले दो हफ्ते लगातार क्रिकेट खेलने के बाद भारत ने चैम्पियन की उपाधि हासिल की। रोहित शर्मा की कप्तानी में विश्व कप से पहले, यह जीत विश्व को काफी बड़ा संदेश दे रही है।मध्य क्रम की समस्या को सुधारने की आवश्यकता है। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बल्लेबाजी में सुधार करना होगा। विकेट कीपिंग की बात करें तो धोनी हमेशा से तेज तर्रार हैं।

 

टीम का प्रदर्शन 

 

पूरी प्रतियोगिता में टीम के हर सदस्य ने अच्छा प्रदर्शन किया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने जहां बल्लेबाजी में रन बटोरे, वहीं जसप्रीत बूमराह और भुवनेश्वर कुमार ने तेज गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया। सभी तेज गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे, और रोहित शर्मा की कप्तानी शानदार थी।

प्रसाद ने प्रतियोगिता में आई अन्य टीमों पर भी राय दी। उन्होने बांग्लादेश, होंक कोंग और अफगानिस्तान की टीमों की बात की। प्रसाद ने कहा कि निचली रैंक वाली टीमों ने ऊपरी रैंक वाली टीमों से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया और संघर्ष दिखाया। इन टीमों ने बड़ी टीमों को चुनौती दी। यह दर्शाता है कि एशिया में क्रिकेट किस तरह तेजी से बढ़ रहा है। यह प्रतियोगिता नई टीमों के लिए बड़ा मौका साबित हुई।

 

पाकिस्तान के बारे में बात करते हुए प्रसाद ने कहा कि पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें अपने मुख्य खिलाडियों पर ज्यादा निर्भर करती हैं। जिस प्रकार देखा जा सकता है कि श्रीलंका एंजेलो मैथ्यूज और मलिंगा पर निर्भर करती है, वहीं पाकिस्तान भी शोएब मलिक पर निर्भर करती है।

 

अन्य टीमें 

 

अन्य टीमों की बात करते हुए प्रसाद ने कहा कि बांग्लादेश को सराहा जाना चाहिए। उन्होने पूरी प्रतियोगिता में काफी संघर्ष किया । हर किसी को लग रहा था कि फ़ाइनल मुकाबला पाकिस्तान और भारत के बीच खेला जायेगा, पर बांग्लादेश ने इसे गलत साबित करते हुए फ़ाइनल में जगह बनाई। बांग्लादेश के बाद अफ़ग़ानिस्तान की टीम को भी काफी सराहा जाना चाहिए।  उन्होने प्रतियोगिता का अंत भारत जैसी बड़ी टीम के खिलाफ आखिरी ओवर के टाइ से किया।  यह जीत के बराबर ही माना जायेगा।

प्रसाद ने कहा कि हालांकि भारत जीत चुका है, पर बांग्लादेश  के संघर्ष की तारीफ करनी होगी। वे पूरी प्रतियोगिता में हर टीम को टक्कर दे रहे थे। उन्हे पूरी प्रतियोगिता में जीत की भूख थी। उनके दो मुख्य खिलाड़ी शाकिब अल हसन और तमीम इकबाल चोटिल थे फिर भी उन्होने संघर्ष किया और अच्छा प्रदर्शन किया।

 

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