पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी ओर से भारतीय बेस्ट प्लेयिंग एलेवन बनाई, जिसमे कथित तौर पर इंग्लैंड के खिलाफ खेलने वाले सभी खिलाड़ी हैं. इस टीम में उन्होने कई प्रमुख खिलाड़ियों को शामिल किया है, पर हरभजन सिंह, रविचंद्रन अश्विन, अजिंक्य रहाणे, और इशांत शर्मा इस टीम का हिस्सा नहीं है.

 

सलामी बल्लेबाजी में लक्ष्मण ने वीरेंद्र सहवाग और मुरली विजय को जगह दी है. लक्ष्मण ने सहवाग को आक्रामकता और विजय को धैर्य के कारण सलामी बल्लेबाजी की कमान सौंपी. गौरतलब है कि विजय जानते है कि ऑफ स्टंप पर कैसे खेलने है और, यह इंग्लैंड में काफी मायने रखता है.

 

 

मध्यम क्रम में बल्लेबाजी के लिए, लक्ष्मण ने विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ को टीम में रखा है. लक्ष्मण के अनुसार द्रविड़ सबसे अच्छे भारतीय नंबर तीन बल्लेबाज हैं. द्रविड़ जैसे बल्लेबाज पिछले 25 सालों में नहीं आया भारत की ओर से. गांगुली भी इंग्लैंड में अच्छी बल्लेबाजी करते हैं. लक्ष्मण ने गांगुली की मीडियम पेस गेंदबाजी के बारे में भी कहा कि, यह काफी मददगार है इंग्लैंड की परिस्थितियों में.

 

मौजूदा वक़्त में भारतीय टीम के कप्तान और सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले, विराट कोहली को भी टीम में जगह दी गई है. अजिंक्य रहाणे ने 2014 के दौरे पर सबसे ज्यादा रन बनाए थे, पर उन्हे टीम में जगह नहीं मिली. गौरतलब है कि रहाणे ने इंग्लैंड में, विजय और सहवाग से ज्यादा रन बनाए हैं.

 

विकेटकिपिंग के लिए लक्ष्मण ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को चुना. लक्ष्मण का मानना है कि उनके अलावा किसी भी कीपर ने अब तक इंग्लैंड में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं किया है.

 

गेंदबाजी विभाग के लिए लक्ष्मण ने तीन तेज गेंदबाज और एक स्पिन गेंदबाज को चुना. लक्ष्मण का मानना है कि अनिल कुंबले एक बेहतरीन गेंदबाज है और अच्छे बल्लेबाज भी हैं. इसीलिए उन्हे हरभजन सिंह और रविचंद्रन अश्विन से ऊपर जगह मिलनी चाहिए. अनिल कुंबले ज्यादा प्रभावी हैं इसीलिए उन्हे इस टीम में जगह मिली. गौरतलब है कि अनिल कुंबले का एकमात्र शतक भी इंग्लैंड में ही आया था.

 

तेज गेंदबाजी विभाग में उन्होने जहीर खान, जगावल श्रीनाथ, और भुवनेश्वर कुमार को चुना. गौरतलब है कि तीनों ही गेंदबाज अच्छे स्विंग कराते हैं, और समय पड़ने पर बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. इशांत शर्मा इंग्लैंड में काफी अच्छी गेंदबाजी कर चुके हैं, और उनके पास सबसे ज्यादा विकेट भी हैं पर उन्हे टीम में जगह नहीं मिली.

 

कप्तानी के लिए लक्ष्मण ने गांगुली को धोनी और कोहली से ऊपर तरजीह दी. उनका कहना है गांगुली अपनी कप्तानी में किसी भी खिलाड़ी में से उसका सबसे अच्छा प्रदर्शन निकालते हैं. लक्ष्मण कहते हैं कि वे नहीं भूल सकते किस प्रकार गांगुली ने 2002 में सीरीज का नेतृत्व किया था.