भज्जी कहते हैं, “38 टेस्ट में 38 बदलाव बहुत ज्यादा हैं।”

अनुभवी भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि उन्हें लगा कि 38 टेस्ट मैचों में 38 बदलाव करना थोड़ा अधिक था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता . विराट कोहली के नेतृत्व से भारत को सफलता मिल रही है।

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में अपने 38 वें टेस्ट मैचों में 38 वें परिवर्तन पर खेलने का संयोजन बनाया,भारत ने टेस्ट श्रृंखला को जिंदा रखने के लिए मेजबानों के खिलाफ भारी जीत दर्ज की।
 
“मेरा मानना है कि 38 टेस्ट में 38 बदलाव बहुत ज्यादा हैं। लेकिन हर कप्तान अलग होता है और यह निर्भर करता है कि यह उनके लिए वो कैसे काम करता है। सौभाग्य से, यह उनके लिए काम भी कर रहा है, “हरभजन सिंह।
भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका में एक मामूली मार्जिन से श्रृंखला जीतने से चूक गयी और अब उन्होंने इंग्लैंड में चीजें बदल दी हैं। यदि कप्तान, मैनैजमैट और खिलाड़ी इसे स्वीकार करते हैं, तो दूसरों को क्या लगता है यह महत्वपूर्ण नहीं है, “उन्होंने कहा।
 
इंग्लैंड में कोहली के शानदार फॉर्म के बारे में बात करते हुए भज्जी ने कहा कि इंगलैंड दौरे पर आने से पहले कोहली की तैयारी ने उनके लिये एक अच्छा काम किया है ।
भारत के कप्तान ने मुंबई में भारतीय ग्राउंड स्टाफ के एक सदस्य के साथ अभ्यास भी किया था, जहां उन्होंने इंग्लैंड की पिच की तरह ही पिच को गिल्ली करके उस पर अभ्यास किया ।
 
कोहली ने इंग्लैंड जाने से पहले वास्तव में कड़ी मेहनत की: भज्जी 

उन्होंने कोहली के प्रदर्शन और उनके नेतृत्व की सराहना की और कहा, “जब आप ऐसी परिस्थितियों में अभ्यास करते हैं, और नयी बॉल को 18 गज की दूरी से गिली पिच पर पकड़ते है और उसे फेंकते है तो आपको उसकी आदत पड़ जाती है.

” कोहली को बॉल की स्पीड या दिशा से कोई प्रभाव नहीं पड़ता। कोहली क्रीज़ से बाहर रहकर और अपनी स्टंप्स को कवर करके आराम से अपना शॉट खेलते है,इसलिए उन्होंने अंग्रेजी स्थितियों में सफल होने के लिए वास्तव में कड़ी मेहनत की है।

हरभजन ने यह भी कहा कि इंग्लैंड की बल्लेबाजी लाइन-अप मे भारत की तुलना में काफी कमियां है ।

“वे खेल रहे हैं जैसे वे भारत में खेल रहे हैं। उनके बल्लेबाजों ने स्पिन और गति के खिलाफ संघर्ष किया है और वे फिलहाल भारत से ज्यादा कमजोर दिखते हैं। ”