विकेट कीपिंग एक काफी मुश्किल काम है, और यदि विकेटकीपर कुशल न हो तो कई बार टीम मैच भी हार जाती है. लोग विकेटकीपर से काफी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं, क्योकि उनके प्रदर्शन पर टीम का  प्रदर्शन निर्भर करता है, पर अच्छा विकेटकीपर तलाश कर पाना लगभग हर टीम के लिए मुश्किल होता है. पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बाद भारत ने टेस्ट में रिद्धिमान साहा को आजमाया और साहा ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया पर वे कंधे की चोट के कारण इंग्लैंड दौरे से पहले  टीम से बाहर हो गये.

 

साहा कि गैर मौजूदगी में भारत ने दिनेश कार्तिक पर दांव लगाया. निधास ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हे ब्रिटिश परिस्थितियों के लिए चुना गया. पर उन्होने बल्ले और दस्तानों से वह प्रदर्शन नहीं किया जिसकी उनसे अपेक्षा लगाई गई थी.

 

विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर लगातार खराब प्रदर्शन के बाद भारत ने ऋषभ पंत को खिलाने पर विचार किया. ऋषभ पंत को खिलाना भी एक दाँव ही था.

Image Credit: @Getty

ऋषभ पंत, भविष्य के हीरो 

 

भारत को पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की गैर मौजूदगी का उपाय ऋषभ पंत में नजर आ रहा है. ऋषभ ने अपनी पदार्पण वाली पारी में ही पांच कैच लेकर रिकॉर्ड बना दिया. वो ऐसा करने वाले चौथे भारतीय कीपर हैं. उन्होने अलस्टेयर कुक, किटोन जेंनिंग, ओल्ली पॉप, क्रिस वोक्स और आदिल राशिद का विकेट लिया.

 

ऋषभ से पहले नरेन तंहने (पाकिस्तान के खिलाफ 1955 में), किरण मोरे ( इंग्लैंड के खिलाफ 1986 में), और नमन ओझा ( श्रीलंका के खिलाफ 2015 में), ऐसा किया था. बीस वर्षीय कीपर बल्लेबाज विश्व क्रिकेट में तीसरे ऐसे खिलाफी है जिन्होने पदार्पण पर पांच कैच लिये हो. उनसे पहले ऑस्ट्रेलियन ब्रायन टेबर और ऑस्ट्रेलिया के ही जॉन मैकलेन ने किया था.

 

भारत अब उन्हे विकेट कीपिंग समस्याओं के समाधान के रूप में देख रहा है. पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की गैर मौजूदगी में वे उनके उत्तराधिकारी के तौर पर टीम को मजबूत कर सकते हैं.