कैसे गांगुली ने धोनी और सहवाग के करियर में की मदद

अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए सौरव गांगुली कहते की वह सबसे अच्छा समय था. लॉर्ड में एतिहासिक जीत के बाद जब उन्होने अपनी शर्ट उतारी तब लक्ष्मण ही इकलौते थे जिन्होंने उन्हे रोका था.
उन्होने उन दिनो. को याद किया जब सहवाग ने 49 गेंद पर ताबड़तोड़ 45 रन बनाए थे जिसमें 7 चौके थे.
आगे उन्होने कहा कि, ” हम लड़ाई करते थे, पर हमें साथ में खेलने में मजा आता था.”

 

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मैं जानता था कि धोनी कर सकता है : गांगुली
धोनी और उसके शुरुआती दिनों के बारे में गांगुली कहते हैं कि, ” साल 2004 में धोनी खेलने आया, मैं हमेशा सोचता था कि उसे सफल खिलाड़ी कैसे बनाऊँ. तो इसी कड़ी में मैंने उसे नंबर 3 पर उतरने के लिए कहा. “
उन्होने आगे कहा कि, “विश्व को एक अच्छा बल्लेबाज देने के लिए नंबर में बदलाव काफी जरूरी था. जब आप बल्लेबाज पर जिम्मेदारी डालेंगे, वह तभी निखर कर आएगा. यह बड़ी बात है जब पूर्वी हिस्से से महान खिलाडी नहीं आते थे, धोनी तब उस वक़्त टीम में आए और सफलतम कप्तान बने.”

 

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गांगुली को कोहली से उम्मीदें हैं
कोहली पर गांगुली ने कहा कि,” कोहली एक ऐसे बल्लेबाज है जिन्हे आप हर परिस्थिति में खेलते और रन बनाते देखना चाहते हो. “
” लोग योयो टेस्ट की बुराई करते है, पर उसी टेस्ट के कारण ही खिलाड़ी विराट की तरह हर प्रारूप में फिट हैं. प्रारूप में फि्‍ट होने के लिए और लगातार रन बनाने के लिए यो यो टेस्ट अनिवार्य सा है. “
उन्होने आगे कहा कि आने वाली टेस्ट सीरीज में उन्हे विराट से बहुत उम्मीदें हैं. इंग्लैंड की परिस्थिती में विराट खुद को साबित कर सकते हैं.

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