जब भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे के बाद सुनील गावस्कर सन्यास लेने का मन बना चुके थे, तब इमरान खान ने आकर उनसे कहा कि, ” आप ऐसे सन्यास नहीं ले सकते. पाकिस्तान अगले वर्ष भारत के दौरे पर है, और मैं भारत में जाकर भारत को हराना चाहता हूं. अगर आप टीम का हिस्सा नहीं होंगे, तो जीत में वह मजा नहीं रह जायेगा. चलिये एक आखिरी बार प्रतिद्वंद्वीता निभाते हैं.”

गावस्कर के अनुसार जब वे 1986 में लंदन में लंच कर रहे थे तब उन्होने यह फैसला लिया था. वे अपना सन्यास की घोषणा अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से करने वाले थे. पाकिस्तान ने टेस्ट मैच जीता और भारत को पहली बार भारत में हरा दिया.
गावस्कर ने इमरान से मुलाकात के बारे में बताया कि “मैं उन्हे 1971 से जानता हूँ, जब वे काउंटी क्रिकेट में शामिल होने के लिए संघर्ष कर रहे थे.” उन्हे उस वक़्त अंदाजा नहीं था कि वे इस दोस्ती को इतना आगे तक ले जाएंगे. गावस्कर ने इमरान पर कहा कि, “वो उस वक़्त एक बच्चे से थे, वे तेज गेंदबाज थे इन स्विंग गेंदबाजी करते थे.उस वक़्त इतने नियंत्रण के साथ नहीं.

गावस्कर ने इमरान पर और आगे बताया कि,” उन्होने 82-83 के दौरे पर भारत को अकेले ही ध्वस्त कर दिया था. उन्होने 40 विकेट लिये और गेंदबाजी में एक मिशाल बना दी. ”
इमरान के प्रधानमंत्री बनने पर उन्होने कहा कि वे भारत जब आए थे तब उन्होने बड़ी सोसाइटी के लोग और सामान्य जन, सबसे एक जैसा ही बर्ताव किया था.

गावस्कर ने आगे बताया कि कैसे उन्होने इमरान को “पूड़ी क्लब में शामिल किया था.सन्यास के बाद जब इमरान के बाल गिरने शुरू हुए तब गावस्कर ने उन्हे पूड़ी क्लब में शामिल कर दिया. इमरान ने चौंक कर पूछा कि यह पूड़ी क्लब क्या है. अगर आप भी चौंक गये हैं तो आगे पढ़ते रहिये.

इमरान का जवाब देते हुए गावस्कर ने बताया कि, ” मैंने उन्हे बताया कि, वे लोग जिनका सर आगे से पूड़ी की तरह गंजा हो जाता है, उसे पूड़ी क्लब कहते हैं, पर याद रहे कि यह पूड़ी पराठा न बन जाये.” इमरान यह सुनकर काफी हँसे.