पूर्व भारतीय इंग्लैंड खिलाड़ी रेय इललिंगवॉर्थ ने कहा कि भारतीय टीम के पास मौका है कुछ ऐसा करने का जो अब तक कोई भी टीम नहीं करी पैठ, सिवाय डॉन ब्रैडमैन की ऑस्ट्रेलिया के.
गौरतलब है कि डॉन ब्रैडमन को कप्तानी में खेल रही ऑस्ट्रेलियन टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो मैच हारकर, टेस्ट सीरीज जीती थी. भारत की हालत भी कुछ वैसी ही है, वे शुरुआती दो मैच हार चुके हैं, पर तीसरे मुकाबले में उन्होने शानदार वापसी की है.

 

रेय ने कहा कि भारत ने दिखला दिया है कि वे फाइटबैक करके, जीत सकते हैं. पूर्व कप्तान को लगता है कि तीसरे मुकाबले के बाद सिरीज का रुझान 50-50 पर बन गया है. गौरतलब है कि टेस्ट श्रृंखला के तीसरे मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 200+ रनों से पटख़नी दी थी. रेय को लगता है कि भारत काफी मजबूत है, और आत्मविश्वास से लबरेज है.

 

पूर्व इंग्लैंड के कप्तान को लगता है भारत ने हर क्षेत्र में प्रगति की है, और स्लिप में तो वे शानदार हैं.

 

स्लिप की बात करते हुए उन्होने कहा कि, स्लिप में गुणवत्ता ने उन्हे काफी प्रभावित किया है. भारतीय टीम की यह खासियत रही है. उन्होने कुछ कठिन कैचों का हवाला देते हुए कहा कि, भारत के हाथ जो भी आया उन्होने लपका. रेय जो कि उम्दा कप्तान रह चुके हैं, उन्होने कहा कि विश्व क्रिकेट में बात हो रही है. ऐसी करिश्माई फील्डिंग उन्होने पहले नहीं देखी.
 

रेय ने तेज गेंदबाजी विभाग की भी सराहना की. उन्होने कहा कि भारत के पास चार तेज गेंदबाज हैं, और चारो ही सीरीज में सबसे तेज रहे हैं.

 

सन् 1936-37 के एशेज में ऑस्ट्रेलिया टीम शुरुआती दो मुकाबले हार गई थी. पर फिर अगले तीनों मुकाबलों में सर डॉन ब्रैडमैन ने दो दोहरे शतक और एक शतक लगाकर, टीम को सीरीज विजयी बनाया था. यह काफी चर्चित शृंखला थी, और इस शृंखला में ब्रैडमैन ने अपने पुछल्ले बल्लेबाजों से सलामी बल्लेबाजी कराई थी.

 

रेय ने कहा कि इंग्लैंड भी अभी सिरीज से बाहर नहीं हुआ है. वे भी सीरीज जीतने के प्रबल दावेदार हैं, और लगभग दोनों टीम के पास बराबर का मौका है.