भारतीय बाएं हाथ के कलाई गेंदबाज कुलदीप यादव को चौथे और पांचवे टेस्ट मैच के लिए टीम में जगह नहीं दी गई. शेन वार्न ने इस विषय पर अपनी निराशा जाहिर की.

 

कुलदीप ने अपना डेब्यू 2017 में किया था और उसके बाद वे केवल एक ही मैच खेले थे उस साल. सीमित ओवर के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, उन्हे टेस्ट टीम में जगह मिली, पर इस प्रारूप में प्रदर्शन न कर पाने के कारण उन्हे टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ा. मैनेजमेंट ने उनकी जगह पृथ्वी शा और हनुमा विहारी को खिलाने का निर्णय लिया.

 

इन सब पर ऑस्ट्रेलियन दिग्गज ने कहा कि कुलदीप यादव को वापस भेजने की बजाय उनपर विश्वास जताना चाहिए.

 

उन्होने कहा कि कुलदीप को वापस भेजने पर भारत को शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए.

 

उन्होने कहा कि “कुलदीप एक अच्छे खिलाड़ी हैं. यह काफी निराशाजनक बात है कि भारत ने उन्हे वापस भेजा. उन्हे प्लेयिंग एलेवन में रखना चाहिए चाहिए था, और उन्हे ओवल पर खिलाना चाहिए था क्योकि वहां गेंद स्पिन करती है. वह कमाल के गेंदबाज हैं और उन्हे सफलता जरूर मिलती.”

 

कुलदीप को पहले टेस्ट में बाहर बिठाया गया था, फिर दूसरे मुकाबले में उन्हे खिलाया गया तो वे विकेट नहीं ले पाए और कुल 44 रन नौ ओवर में दे बैठे. उन्हे फिर तीसरे मुकाबले में बाहर बिठा दिया गया.
अब उन्हे मुरली विजय के साथ वापस भेज दिया गया.

 

वॉर्न ने 145 टेस्ट मैच और 194 एकदिवसीय मुकाबले खेले हैं. वॉर्न ने अश्विन पर कहा कि उन्हे अपने गेमप्लान को बदलना होगा.

 

उन्होने आगे कहा कि, ” अश्विन को सब्र के साथ गेंदबाजी करनी चाहिए. उन्हे समझना चाहिए कि फाइफर हर दूसरे मुकाबले में नहीं मिलते, उन्हे इंग्लिश परिस्थितियों को समझना चाहिये.”

 

अश्विन चौथे मुकाबले में खेलने के मामले में शंकित थे, और सभी को अंदेशा था कि अगले मुकाबले में वे शायद ही खेल पाएँ, पर चोट से उबर कर वे खेलने के लिए तैयार हैं.