शानदार शतक के साथ अलस्टेयर कुक ने कहा क्रिकेट को अलविदा 

 

इंग्लैंड और भारत के बीच खेला जा रहा पांचवा मुकाबला, एलेस्टेयर कुक के करियर का आखिरी मुकाबला था. कुक इस मुकाबले के बाद अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेंगे.

 

एलेस्टेयर कुक ने कहा कि, उनका यह पूरा विशाल करियर कई मौकों पर अतियथार्थ था. उन्होने करियर को अच्छे मोड़ पर खत्म करते हुए, कुक ने आखिरी मुकाबले में शानदार शतक लगाया.

 

ओवल के मैदान पर ऐसे भावुक मुकाबले में उनका पूरा परिवार उनके साथ था. वहां आए सभी क्रिकेटप्रेमियों को यादे देते हुए उन्होने किसी को निराश नहीं किया. उन्होने शानदार ढंग से अपनी आखिरी दोनों पारियां खेली. उन्होने टीम को उस हालत पर भी पहुंचाया जहां से वे मैच जीत सकें.

 

वे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पांचवे बल्लेबाज बन गए 

 

बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज ने 33वा शतक लगाया और वे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की फेहरिस्त में पांचवे नंबर पर आ गये हैं. उन्होने कुल 12,472 रन बनाए.

 

पूर्व इंग्लिश कप्तान ने उनके करियर से संतुष्टि जताते हुए कहा कि, “उनकी उपलब्धियों को एक लाइन में कह देना काफी मुश्किल है.” उन्होने आगे कहा कि “यह चार दिन मेरी ज़िन्दगी के काफी यथार्थवाद भरे दिन थे.”
उनसे पूछा गया कि क्या यह आपके करियर का सबसे अच्छा दिन था,इसपर उन्होने कहा कि, ” यह एक अलग दिन है.” उन्होने यह कहा कि यह मुकाबला काफी भावुक है मेरे लिए, मेरे परिवार और मेरे दोस्तों के लिए. मुकाबले को देखने सभी आए हैं, जिसकारण मुझपर अच्छा करने का दबाव है.

 

शानदार पारी के बावजूद सन्यास पर दुबारा विचार नहीं करेंगे कुक

 

कुक ने यह साफ करते हुए कहा कि उन्होने एक शानदार पारी भले ही खेली है, पर वे सन्यास पर दुबारा विचार नहीं करना चाहते. वे अपने विचार पर अटल रहेंगे.

 

उन्होने यह भी कहा कि वे टीम को जीतकर अपने करियर को अच्छे मोड़पर खत्म करना चाहेंगे. वे इस मुकाबले में विश्व की नंबर एक टीम को हराना चाहेंगे.

 

एसेक्स के लिए खेलना जारी रखेंगे 

 

इंग्लैंड के राष्ट्रीय खिलाफी के तौर पर वे सन्यास ले चुके हैं पर एक खिलाड़ी के तौर पर उनका खेलने का जज्बा अब तक खत्म नहीं हुआ है.
उन्होने आगे कहा कि, “एसेक्स का तहे दिल से शुक्रिया, उन्होने 12 साल की उम्र से ही मेरा साथ दिया. मैं 2019 के सीजन में उनके साथ पूरा सीजन बिताउंगा. मैं चाहूंगा कि भविष्य में इंग्लैंड टीम को सफलताएं मिलें, और एक दर्शक की तरह मैं उत्सुकता से उन्हे देख पाऊं.”