यह समय है आत्ममंथन का :-

टी20 मुकाबलों में इंग्लैंड की हार ने राष्ट्रीय टीम के सामने कई सवाल खड़े कर दिये हैं. रैंकिंग पर अगर नजर न डाले तब लगता है कि इंग्लैंड अपनी साख सफेद गेंद के खेलों में खो रहा है.

पॉल फरब्रेस,जोकि इंग्लैंड के अंतरिम कोच थे इन मुकाबलों के लिए उन्होने अपने कई गहन विचार व्यक्त किये है इस मुद्दे पर. वो कहते है कि “पिछले चार मुकाबलों में हमें काफी कुछ सीखने को मिला हैं, और टी20 में भी हमनें काफी विश्लेषण किया है.
रूट के पास मौका है खुद की काबिलियत साबित करने का :-
इंग्लैंड के प्रमुख बल्लेबाज, जिन्हें बल्लेबाजी की धुरी समझा जाता है, उन्होने, अबतक इन मुकाबलों में केवल 35,0 और 9 का स्कोर किया है. ये अंक भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ के मुकाबलों के हैं.
“हर खिलाड़ी के लिए खेल को छोड़ना काफी बुरी बात होती है. हम सबको उम्मीद है कि जो अपने ऊपर काफी मेहनत करेंगे.”
“जहां तक मुझे लगता है कि खेल से बाहर होने के कारण जो काफी ज्यादा निराश थे, क्यूकि वे एक ऐसे खिलाड़ी है जो अपनी टीम के लिए हर मैच खेलना चाहते हैं. उसके जैसा खिलाड़ी जो स्ट्राइक रोटेट कर सके, स्पिन खेल सके, लगभग हर टीम को चाहिए होता है. उनके पास स्टोक्स और बैरस्टो की तरह पावर हिटिंग नहीं है, फिर भी वे उनसे कई गुना बेहतर साबित हो सकते हैं ”
“खिलाड़ी अपने प्रदर्शन और अन्य खिलाड़ियों से ही सीखते है, हमें उम्मीद है कि जो काफी कुछ सीखकर आत्मविश्वास के साथ आगे के मैचेस खेलेंगे” “मॉर्गन जिस तरह मुश्किल समय पर फैसले लेते है, और खिलाड़ियों से बात करते है, यह सब जो रूट सीखेंगे” बकौल पॉल फरब्रेस.
भारत एक मजबूत पक्ष है :-
फरब्रेस मानते है कि 50 ओवर के क्रिकेट में भी इंग्लैंड को चुनौतीयों का सामना करना होगा, क्यूकि भारत एक बेहद मजबूत पक्ष है, और वे वापसी करना बखूबी जानते हैं. भारत को अंतिम समय पर फेर बदल के लिए जाना जाता है, इसीलिए आगे आने वाले मुकाबले दिलचस्प होंगे.