इंग्लैंड बनाम भारत टेस्ट सीरीज में लगातार दो हारों के बाद भारतीय कप्तान और कोच सवालों के घेरे में आ चुके हैं. इन मुकाबलों में कोहली की टीम की न लड़ पाने की क्षमता और बल्लेबाजों के वाहियात प्रदर्शन ने सभी को चकित कर दिया है. इससे लगभग सभी क्रिकेटप्रेमी हताश हैं. सभी की आँखे तीसरे मुकाबले पर हैं, क्या कोहली और टीम वापसी कर पाएंगे?

 

अगर टीम तीसरा मुकाबला भी हार जाती है तब कोहली और रवि शास्त्री को भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सवालों का जवाब देना होगा. इस वक़्त भारतीय टीम 0-2 से पीछे है. तीसरे मैच के प्रदर्शन पर चौथे और पांचवे मैच की टीम निश्चित की जायेगी. तीसरे मुकाबले की हार से कप्तान और कोच जवाबदेह होंगे.

 

 

बीसीसीआइ के गुप्त सूत्रों से पता चला कि, ” भारतीय टीम इस बात की शिकायत नहीं कर सकती की उन्हे तैयारी का भरपूर समय नहीं मिला. जब हम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हारे तब, टीम के सदस्यों का कहना था कि टाइट शेड्यूल और अभ्यास का समय न मिलने के कारण यह हार हुई. टीम से बात करके ही हमने यह निश्चित किया था कि सीमित ओवर के मुकाबले टेस्ट से पहले खेले जाएंगे. “

 

तीसरे मुकाबले में खराब प्रदर्शन से कोहली और शास्त्री पर सवाल खड़े होंगे. उन्होने कहा कि,” मत भूलिए कि शास्त्री और वर्तमान मैनेजमेंट के अंडर ही हमनें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2014 में 0-2 से मात खाई, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1-2 से. इंग्लैंड में भी हम सिरीज हार के संकट बढ़ रहे हैं.” बीसीसीआइ की पैनी नजर रवि शास्त्री पर है.

 

और रिपोर्ट पर ध्यान दे तो बीसीसीआई का ध्यान बैटिंग और फील्डिंग कोच पर भी है. तीसरे चौथे और पांचवे मुकाबले के प्रदर्शन के आधार पर आने वाले समय में उनके पदों में फेर बदल हो सकता है.
अधिकारी ने यह भी कहा कि,” अगर आपको याद हो तो बीसीसीआई ने डंकन फ्लेचर के असिस्टेंट जो (गेंदबाजी कोच) और ट्रेवर (फील्डिंग कोच) को इंग्लैंड के खिलाफ 1-3 की हार के बाद 2014 में निकाल दिया था. शास्त्री एकदिवसीय श्रृंखला शुरू होने से पहले निदेशक बने थे, संजय बांगर और आर श्रीधर के साथ.