हार्दिक पांड्या ने अब तक उस तरह का प्रदर्शन नहीं किया जैसी उनसे उम्मीद थी. वे एक नाकाम गेंदबाज की तरह बेबसी से गेंदबाजी कर रहे हैं और उनकी बल्लेबाजी में भी कोई जोर नहीं. ईएसपीएन क्रिकइन्फो के साथ बात करते हुए पूर्व वेस्ट इंडीज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने इस पर काफी कुछ कहा.

“भारतीय गेंदबाजी आक्रमण अपने संतुलन में नहीं हैं. वे हार्दिक पांड्या को एक ऑल राउंडर की तरह खिला रहे हैं, पर वे बिल्कुल भी प्रभावी नहीं हैं.”

पांड्या लॉर्ड्स टेस्ट से पहले गेंदबाज के रूप में बिल्कुल ही नाकामयाब थे. “मुझे नहीं लगता है कि वे गेंद के साथ ज्यादा कुछ कर पा रहे हैं. यह बड़ी बात है. वे बिल्कुल भी लगातार प्रदर्शन नहीं कर रहे. उनके पास वह नियंत्रण नहीं जो बल्लेबाज को दबाव में डाल सके. वे दो अच्छी गेंद डालने के बाद, तीसरी गेंद में लड़ख़ड़ा जाते हैं. वे लगातार प्रदर्शन करने में नाकामयाब हैं. वे दबाव बनाने में असमर्थ हैं. ”

पांड्या ने पिछली जुलाई में श्रीलंका ने टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होने दूसरे टेस्ट मैच में एक अर्ध शतक और तीसरे मैच एक शतक लगाया था.

 

होल्डिंग ने आगे कहा कि,” अगर वे अच्छे बल्लेबाज होते तो वे एक औसत पर रन बनाते. वे 60,70,30,40,50 रन भी बनाते, यदि बिना शतक बनाये और विकेट भी लेते तो वे एक अच्छे आलराउंडर साबित होते.”पांड्या के बुरे प्रदर्शन पर और क्षमता की कमी के कारण होल्डिंग ने कहा कि,” अगर आप एक मुख्य गेंदबाज बनना चाहते हैं, तब आपको ऐसी गेंदबाजी करनी होगी जिससे कप्तान आपपर भरोसा कर सके. वे जिस भी परिस्थिति में आपपर जिम्मेदारी सौंपे, आपको उस परिस्थिति में प्रदर्शन करना होगा.”

दो मुकाबलों की चार पारी में केवल 90 रन बनाये और तीन विकेट लिये. फैंस भी अपना भरोसा उन पर से खो रहे हैं. एक इंटरव्यू के दौरान काफी समय पहले उन्होने कहा था कि,” बल्लेबाजी के वक़्त वे पूर्ण बल्लेबाज हैं और गेंदबाजी के वक़्त पूर्ण गेंदबाज. ” पर उनका हालिया प्रदर्शन उनके कथन से कहीं अलग है.