कभी नहीं सोचा था कि मैं दुबारा टेस्ट टीम के लिए खेलूंगा!

हम भारत के लिए मुश्किलें बढ़ाना चाहते हैं : बटलर

 

भारत तीसरा टेस्ट मैच जीतने के लिए काफी तत्पर है. लंच के बाद जब भारत ने कुल चार विकेट ले लिए थे, तब जीत काफी पास नजर आ रही थी. ट्रेंट ब्रिज में चल रहा यह मुकाबला फिलहाल भारत की गिरफ्त में हैं.

 

इशांत शर्मा ने केवल पांच गेंद की और किटोन जेंनींग को चलता कर दिया. उसके बाद उन्होने अलस्टेयर कुक को भी चलता किया. बूमराह और शमी ने रूट और ओल्ली पॉप को चलता किया.
भारत की आशाएं चौथे दिन ही जीतने की काफी बढ़ चुकी थी और इंग्लैंड 63-4 हो चुका था. पर उसके बाद बेन स्टॉक और जोश बटलर ने अच्छी साझेदारी करते हुये पांचवे विकेट के लिए 164 रन जोड़े. भारत उनकी साझेदारी के आगे संघर्षरत दिखा.

 

 

Image Credit @Reuters

 

इंग्लैंड के लिए यह अच्छा दिन नहीं था पर जोश बटलर ने अपने करियर का पहला शतक लगाया. बटलर का टीम में चुनाव काफी विवादास्पद था और लगभग सभी ने चुनाव कर्ताओं की टीम पर प्रश्न घेर दिए थे. सभी को लगा कि उनके राजस्थान रॉयल्स के लिए किया गया प्रदर्शन ही उनके टीम में चुने जाने की वजह है, पर बटलर ने सभी कयासों को गलत ठहराते हुए अच्छा प्रदर्शन किया.

 

बटलर की पहली टेस्ट सेंचुरी :
बटलर ने शतक के बाद में बात करते हुए कहा कि शतक लगाकर वे गौरवान्वित हैं और उन्हे टेस्ट में अपनी वापसी की कोई उम्मीद नहीं थी. उन्होने राष्ट्रीय टेस्ट टीम की लगभग सभी उम्मीद को छोड़ दिया था.
उन्होने कहा कि, ” कुछ महीने पहले यह लगभग नामुमकिन सा था. यह मेरे लिए बड़ा मौका है और इसे दर्शाने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. आप कर सकते हैं यह बड़ी बात है, पर अपनी टीम के लिए करके दिखाना और भी ज्यादा बड़ी बात है.”

 

जोश बटलर ने 2015 में बेयरस्तो के स्थान पर अपना टीम में स्थान गवां दिया था. पर फिर उन्हे पाकिस्तान के खिलाफ होम सीरीज के लिए दुबारा टीम में चुना गया.

 

” मैं टेस्ट क्रिकेट दुबारा खेलने के बारे में सोच भी नहीं सकता था. वह एक वक़्त था जब मुझे लगता था कि रेस केवल रन की है.”

 

स्टॉक और बटलर के जुझारू प्रदर्शन के बाद भी इंग्लैंड संघर्ष करके जितने में नाकामयाब है और भारत जीत से केवल एक विकेट की दूरी

 

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