ऋषभ पंत अपना टेस्ट कैरियर शुरू करना चाहते थे । टेस्ट क्रिकेट में अपनी दूसरी गेंद पर छह छक्के लगाने के बाद, 20 वर्षीय पंत ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लिए स्टंप के पीछे सात कैच हासिल किए.

इस धमाकेदार शो की सौजन्य से, ऋषभ पंत को सभी तरफ से प्रशंसा हासिल हो रही है. प्रशंसा करने मे सबसे लेटेस्ट नाम फारूक इंजीनियर का है,जो की भारत के एक वक़्त के बेस्ट विकेटकीपर रहे है.

एक समाचार पत्र से बात करते हुए, इंजीनियर ने कहा कि वह ऋषभ पंत से बहुत प्रभावित हैं और उन्होंने ये भी धयान दिया है कि ऋषभ पंत का बैटिंग करने का स्टाइल अलग है | उस सिक्स के बारे मे भी पंत की सोच को बताया
जो पंत ने आदिल रशीद के खिलाफ मारा था। इंजीनियर ने पंत के बारे मे कहा की वो खुद को साबित करना चाहते हैजिसके लिए उनके पास आत्मविश्वास और हिम्मत दोनों है |

पर्व विकेटकीपर ने कहा कि उन्हें नौजवानो को खेलते हुए देखकर अच्छा लगता है जो खुद को फील्ड परसाबित करते है । इस अवसर पर उन्होंने अपनी पहली शुरुआत की यादों को याद किया और कहा कि उन्होंने घबराहट के कारण पहली तीन गेंदों को मारा। संयोग से, उनकी शुरुवात भी 1 9 61 में कानपुर में इंग्लैंड के खिलाफ हुई थी |

इंजीनियर ने 46 टेस्ट खेले और 31.08 के औसत से 2611 रन बनाए। उसी वक़्त में उन्होंने 66 बार कैच लिए और16 बार स्टंपिंग करी। ग्लव्स क साथ उनकी काबिलियत को देखते हुए उनको 1 970 के दशक में बाकी विश्व इलेवन
टीम के लिए विकेटकीपर भी रखा गया था।

भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी पंत के लिए वो प्रशंसा से भरे थे और उन्हें कुछ सलाह भी दे डाली । उन्होंने कहा कि एकविकेटकीपर को जितना संभव हो नीचे रहना चाहिए ताकी वो आराम से मूव कर सके और आगे बढ़ सके। उन्होंने यह
भी कहा कि विकेट-कीपर को कम चांस वाली केचेस को भी कैच मे बदलना आना चाहिए।

 

पंत ने अंडर -19 विश्व कप, आईपीएल और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में खुद को एक अच्छा खिलाडी साबित करने के बादअपना टेस्ट मैच कैरियर शुरू किया । युवा विकेटकीपर की तारीफ अन्य पूर्व क्रिकेटरों के साथ-साथ ट्विटर पर भी
की गई