भारतीय महिला T20 क्रिकेट टीम की कप्तान और प्रतिष्टित अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर फेक BA की डिग्री के कारण मुश्किल में फंस सकती हैं। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए पंजाब सरकार ने उन्हें DSP रैंक पर मनोनीत किया था लेकिन BA की डिग्री जाली पाए जाने और बढ़ते विवाद के कारण पंजाब सरकार ने कौर को DSP की रैंक से हटा कर पंजाब पुलिस में कॉंस्टेबल की रैंक दि है।

जांच के घेरे में हरमनप्रीत कौर

यह मामला प्रकाश में तब आया जब पंजाब पुलिस एक जवान हरमनप्रीत कौर के दिए दस्तावेजों की पुष्टि के लिए चौधरी चरण सिंह युनिवर्सटी गया।

चौधरी चरण सिंह युनिवर्सटी के एक प्रोफ़ेसर संजय भारद्वाज ने बताया की अप्रैल के महीने में जालंधर का एक पुलिस ऑफिसर यूनिवर्सिटी में कौर द्वारा दि गयी डिग्री की प्रमाणिकता के लिए आया था। जांच के दौरान हरमनप्रीत कौर के सर्टिफिकेट पर उल्लेखित क्रमांक संख्या यूनिवर्सिटी रिकॉर्ड में मिला ही नही तब इस बारे में जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंप दी।

दर्ज हो सकता है केस

सारे मामलें के प्रकाश में आने के बाद अब हरमनप्रीत कौर पर जालसाज़ी और आपराधिक साजिस का मामला दर्ज हो सकता है। बता दें के फिलहाल हरमनप्रीत कौर इंग्लैंड में होने वाले किआ सुपर लीग– 2018 में लैंक्शयर की ओर से खेलने के लिए इंग्लैंड जाने की तैयारी में लगी हैं, वह 15 जुलाई को इंग्लैंड जाएंगी।

सारे मामले के बारे में पंजाब सरकार ने हरमनप्रीत कौर को सूचित कर दिया है साथ ही यह भी बता दिया गया है की डिग्री के फ़र्ज़ी पाए जाने के कारण उनकि शैक्षणिक योग्यता केवल 12वीं तक की रह गयी है इस कारण उन्हें DSP की रैंक से हटा कर पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल की रैंक पर पदस्थापित कर दिया गया है। ये जानकारी पंजाब सरकार के एक मंत्री ने दी हैं।

सारे मामले पर कौर के मैनेजर ने कहा है की अब तक उनके पास किसी तरह की ऐसी सूचना नही मिली है। हरमनप्रीत कौर ने भी इस पर कुछ भी टिपण्णी अब तक नही की है।