विंडीज बनाम भारत टेस्ट श्रृंखला में दो युवा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखने के बाद, चयनकर्ता ऑस्ट्रेलिया दौरे के खिलाफ टीम चुनते वक़्त काफी मुश्किल में पड़ सकता हैं| गौरतलब है कि पृथ्वी शा और ऋषभ पंत ने अपने अपने प्रदर्शन से बता दिया कि वे दोनों भारत का भविष्य हैं| युवा बल्लेबाज पृथ्वी शा ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी के मन में छाप छोड़ी और ऋषभ पंत ने लगातार दो पारियों में 90+ रन बनाकर विकेटकीपर की जगह के लिए खुद को साबित कर दिया है|

 

रवि शास्त्री ने दी अपनी राय

भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री चयन के बारे में अपना मन बना चुके हैं पर भारतीय चयन करताओं के लिए यह काफी मुश्किल होने वाला है|

 

पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने विकेटकीपर के चयन के बारे में राय दी| गौरतलब है कि गावस्कर ने भी सभी की तरह एक ही नाम का जिक्र किया|

सुनील गावस्कर ने कहा कि,

 

“वे (ऋषभ पंत) एक बल्लेबाज की तरह हर रोज़ सुधार कर रहे हैं| विकेटकीपिंग में वे जडेजा और अश्विन के सामने जितना खेलेंगे वे उतने ही बेहतर होते जाएंगे| वे स्पिन में बदलाव को परख पाएंगे तो उनके लिए काफी बेहतर होगा| दुर्भाग्यवश रिद्धिमान साहा के लिए उन्हे अनदेखा नहीं किया जा सकता. ऋषभ पंत सीधे टीम में जगह बना सकते हैं|”

 

साहा के नाम पर विचार क्यूँ नहीं?

 

ऋषभ पंत के पदार्पण से पहले रिद्धिमान साहा भारतीय टीम से विकेटकीपर के तौर पर खेलते थे| दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के दौरान उन्होंने खुद को चोटिल कर लिया था| उन्हे कंधे पर चोट लगी थी जिस कारण उन्हे आराम के लिए भेज दिया गया था| साहा इंग्लैंड के खिलाफ फिट नहीं हो पाए थे और उनकी जगह पर दिनेश कार्तिक को टीम में शामिल किया गया था| गौरतलब है कि कार्तिक के खराब प्रदर्शन के कारण ऋषभ पंत को टीम में शामिल किया गया और उन्होने काफी अच्छा प्रदर्शन किया| ऋषभ पंत ने मौके का फायदा उठाते हुए ओवल के मैदान पर शतक जड़ा और जब उन्हे विंडीज के खिलाफ खेलने का मौका मिला तब उन्होने दो पारियों में लगातार 92 रन बनाए| उन्होने एक बल्लेबाज के तौर पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया जिस कारण उनकी विकेटकीपिंग स्किल पर ज्यादा सवाल नहीं उठाए गए|

 

रिद्धिमान साहा कि लगातार गैर मौजूदगी से ऋषभ पंत को काफी मदद मिली और वे सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री जैसे दिग्गजों की पसंद बन गए|