2007 T20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को चैम्पियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बाए हाथ के तेज़ गेंदबाज आर पी सिंह ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से सन्यास की घोषणा कर दी है।

इस सन्यास की  खास बात ये रही के जिस तारीख को आर पी सिंह ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था ठीक उसी तारीख की उन्होंने क्रिकेट को अलविदा भी कहा है। इंहोने वनडे मैचों में 4 सितंबर 2005 को जिम्बाबे के खिलाफ पदार्पण किया था जबकि पहला टेस्ट 21 जनवरी 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था।

 

आर पी सिंह को 2007 वर्ल्ड कप में भारीतय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के अलावा 2007 में ही टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर बेहतरीन प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है। 04 सितंबर 2005 को अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के ठीक 13 साल बाद यानी 04 सितंबर 2018 को इन्होंने ट्विटर पर क्रिकेट से सन्यास की घोषणा कर दी।

अपने 13 साल के लम्बे क्रिकेट कैरियर में आर पी सिंह ने 14 टेस्ट मैच में भारत का प्रतिनिधित्व किया इसके अलावा इन्होंने 58 एक दिवसीय मैच और 10 T20 मैच में भी भारतीय टीम की ओर से खेलते नज़र आए हैं।

जीत 4 सितंबर को इन्होंने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से खुद की अलग किया उससे ठीक 13 साल पहले यानी 04 सितंबर 2005 को इन्होंने पहली भार भारीतय टीम की जर्सी पहनी थी।

आर पी सिंह अंतिम बार भारतीय टीम की ओर से 16 सितंबर 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे वनडे मैच में कार्डिफ में खेलते नज़र आए थे। 2011 के बाद से ही आर पी सिंह टीम से बाहर चल रहे थे। आर पी सिंह के नाम अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 124 विकेट दर्ज हैं। सब से अधिक आर पी सिंह 2007 में चर्चा में आए थे जब 21 साल बाद भारत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ मे जीत हासिल किया था।

2007 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर भारत ने तीन टेस्ट मैच खेले थे जिसमें इनका प्रदर्शन शानदार रहा था और भारत सीरीज़ 2-1 से अपने नाम करने में कामयाब हुआ था।