इंग्लैंड के पास कोहली को हराने की योजनाएं है

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट बोर्ड ने कोहली और जेम्स एंडरसन के बीच की प्रतिद्वंद्वीता पर सोमवार को बयान दिया. गौरतलब है कि इंग्लैंड और भारत की सीरीज बुधवार से शुरू हो रही है, यह पांच मुकाबलों की सीरीज है. जेम्स और कोहली दोनों ही अपनी अपनी टीम के मुख्य खिलाड़ी हैं.

बत्तीस वर्षीय ब्रॉड अपनी चोटों से उबर कर वापसी करने वाले हैं. ब्रॉड ने कई योजनाएं बनाई है जिससे वे कोहली को आउट कर सकें, चूंकि कोहली टीम के मुख्य खिलाड़ी हैं.

आईसीसी को एक इंटरव्यू में बताते हुए ब्रॉड ने कहा कि, “मुझे नहीं लगता कि केवल एक गेंदबाज इतने बड़े बल्लेबाज को टारगेट कर सकता है.”

अगर दोनों छोर से दबाव नहीं बनता तो उन्हे आउट करना मुश्किल है, दोनों एण्ड से दबाव बनाने पर वे गलतियां कर सकते हैं. अगर वे जेम्स की गेंदबाजी समझ गए और परवाही से खेलने लगे तब हमारे लिए मुश्किल हो सकती है.
हम दबाव को मैनेज करेंगे उन्होने कहा कि,” एक सम्पूर्ण गेंदबाजी विभाग के तौर पर, हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे कि, कोहली जैसे मुख्य खिलाड़ियों को आउट कर सकें. हम दबाव डालने की पूरी कोशिश करेंगे.”
पिछली बार भारत ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में इंग्लैंड का दौरा किया था. तब टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था. पांच मैच की सीरीज को भारत ने 3-1 से गवां दिया था.

कोहली का प्रदर्शन भी काफी खराब था, उन्होने पांच मैच में केवल 13.40 की औसत से 134 रन ही बनाए थे. दो बार तो ऐसा हुआ था कि कोहली शून्य पर आउट हुए हों.

मैं पूरी तरह स्वस्थ हूँ : ब्रॉड

तेज गेंदबाज ब्रॉड ने कहा कि वे पूरी तरह स्वस्थ है, और टेस्ट में रैंक एक हासिल कर चुकी टीम इंडिया को हराने के लिए पूरी तरह फिट हैं.

वे कहते हैं कि, ” मैं मैदान पर अपना शत प्रतिशत देने वाला हूँ.”

छह हफ्तों के अंतराल पर पांच मुकाबले खेले जाने हैं. ब्रॉड का मानना है कि गेंदबाजों को भी रोटेट करते रहना पड़ेगा, ताकि वे सफलतः गेंदबाजी कर सकें.
उन्होने कहा कि, ” हमने इस बारे में बात की है. अगर किसी को रोटेशन पॉलिसी के अंतर्गत टीम से निकलना पड़ा तो वह खिलाडी अगले मैच में फिर खेल सकेगा. इसका प्रदर्शन से कोई नाता नहीं, यह केवल आराम देने के लिए किया जायेगा.”

उन्होने आगे कहा कि, “यह किसी प्रकार की ड्रॉपिंग नहीं है, यह केवल टीम नीति का हिस्सा है. “