जब विराट कोहली इंग्लैंड के दौरे पर जा रहे थे, तो उनकी मंशा साफ थी. वो वहां जाकर रन बनाकर टीम को जीत दिलाना चाहते थे. और उन्होने एडजस्टेन में पहली पारी में ऐसा ही किया.

 

एक तरफ जहां तेजी से विकेट गिर रहे थे वहीं कोहली ने दूसरा छोर संभाले रखा और, इंग्लिश जमीन पर अपना पहला शतक ठोक दिया. उन्होने यह शतक 225 पर गेंद पर ठोका था. जब दूसरे दिन भारत अपनी पारी का आखिरी घंटा खेल रहा था, तब भारत के 9 विकेट 227 रन पर गिर चुके थे. पर कोहली ने पारी संभालते हुए शतक लगाया.

 

कोहली ने अपने शतक पर पहुंचने के बाद अपनी शादी की अंगूठी को चूमा, और अपने बैट को मैदान में चारो ओर घुमाया. शतक लगाने के बाद दर्शकों ने उन्हे खड़े होकर बधाई दी.

रविचंद्रन अश्विन के चार विकेट और मोहम्मद शमी के तीन विकेट के चलते इंग्लैंड दूसरे दिन की सुबह 287 पर ऑल आउट हो गया.

 

कुछ महीन पहले वेस्ट इंडीज के दिग्गज तेज गेंदबाज ने कहा था कि एक अच्छे बल्लेबाज के तौर पर अभी विराट को खुद को साबित करना है. एक अच्छा बल्लेबाज वो होता है जो जहां जाता हैं वहां रन बनाता है.

 

उन्होने कोहली को सबसे तीन अच्छे बल्लेबाजों की फेहरिस्त में रखा. 

 

“कोहली एक महान खिलाड़ी है. वह खेल में बहुत अच्छा है , पर जब वो इंग्लैंड जाकर रन बनाएगा, तब वो खुद को दिग्गज साबित करेगा.” कोहली का रिकॉर्ड इंग्लैंड में काफी भयावह था. उन्होने सही कयासों को परे रखते हुए, खुद को साबित किया और इंग्लैंड में शतक लगाने वाले चौथे भारतीय कप्तान बने.

 

विराट कोहली से पहले मंसूर अली खान पटौदी, मोहम्मद अज़हरूद्दीन, और सौरव गांगुली ने इंग्लैंड में शतक लगाया था.