ट्रेंट ब्रिज में विशाल जीत के बाद, भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज है. यह काफी अच्छा है, पर कुछ बुरा भी है जिसका जिक्र गांगुली ने किया. सौरव गांगुली को मैदान पर अपनी बेखौफ रवैये के कारण जाना जाता था, उन्होने एक और बेखौफ बयान दिया. उनके अनुसार भारत की आत्मविश्वास को अति नहीं करना चाहिए. कोई भी टीम हार के बाद ज्यादा चौकन्ने रूप से वापसी कर सकती है.

 

लगातार दो हारों के बाद भारत ने जैसे शानदार वापसी की  उसी प्रकार इंग्लैंड भी वापसी कर सकता है. क्रिकेटप्रेमियों से, और विशेषज्ञों से क्रिटिक होने के बाद, भारत की यह वापसी काबिले तारीफ थी. अब इंग्लैंड पर भी वैसा ही करने का दबाव है. भारत ने अपनी अच्छी मानसिकता के कारण ही जीत हासिल की.

 

गांगुली ने नई गेंद को अच्छे ढंग से खेलने के लिए शिखर धवन और के एल राहुल की भी काफी तारीफ की. उन्होने कहा कि उन दोनों ने अच्छा खेलकर आगे संदेश भेजा. सलामी गेंदबाजों की पचास रन की सलामी पारी के कारण ही नई बॉल से टीम सर्वाइव कर पाई.

 

गांगुली ने कहा कि भारतीय टीम की बल्लेबाजी ही उनकी स्ट्रेंथ है, राहुल, धवन पुजारा कोहली और रहाणे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और दक्षिण अफ्रीका के दौरे के बाद गेंदबाज भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.

 

गेंदबाजों के बारे में बात करते हुए उन्होने बूमराह, इशांत और शमी की बात की. उन्होने कहा कि यह देखना काफी मजेदार होता है हमेशा. भारतीय तेज गेंदबाज हर गेंद पर मौका बनाने का प्रयास कर रहे हैं, यह शानदार है.

 

अंत में उन्होने कहा कि, चौथा टेस्ट मैच एक मानसिक युद्ध है. गांगुली ने जीत के विषय में ज्यादा न सोचने को कहा, उन्होने कहा कि केवल खेल पर ध्यान दें. हालांकि चौथे टेस्ट मैच की शुरुआत भारतीय टीम ने अच्छे ढंग से की है.