चेतेश्वर पुजारा को उनके इंग्लैंड में पहले शतक के लिए काफी ज्यादा प्रोत्साहित किया जा रहा है. इस मामले में भारतीय बल्लेबाजी कोच भी बिल्कुल पीछे नहीं हैं. बांगर ने पुजारा की तारीफ करते हुए कहा कि प्रतिभा केवल उनके शॉटस में ही नहीं उनकी मानसिकता में भी देखी जा सकती है. बांगर ने कहा कि पुजारा ने मानसिक ताकत, सब्र और फोकस का एक अच्छा नमूना पेश किया.

 

पुजारा 8वें ओवर में बल्लेबाजी करने आए और पारी के अंत तक नाबाद रहे. इस दौरान उन्होने इंग्लैंड में अपना पहला शतक लगाया और भारतीय टीम को 27 रनों की लीड दिलवाई. गौरतलब है कि पुजारा ने आखिरी दो विकेट के साथ मिलकर 78 रन जोड़े, इससे मोइन अली के फाइफर से हुआ नुकसान कम हो गया.

 

संजय ने माना कि पिछले कुछ मुकाबलों में पुजारा तकनीकी खराबी के कारण थोड़े कम समय तक क्रीज पर रुक पा रहे थे. भारतीय बल्लेबाजी कोच ने कहा कि पुजारा काफी खराब दौर से निकल रहे हैं, उन्होने पिछली 10-12 पारियों में कोई खास प्रदर्शन नहीं किया.

 

संजय ने कहा कि सपोर्ट स्टाफ की ओर से पुजारा की मदद की गई. बल्लेबाजी कोच ने उनके संतुलन को ध्यान दिलवाया और मुख्य कोच शास्त्री के साथ मिलकर पुजारा ने इस पर मेहनत की.

 

पुजारा की 257 गेंदों की पारी की बात करते हुए, बांगर ने कहा कि, पुजारा ने अपनी पारी में काफी संतुलन दर्शाया, उन्होने धैर्य के साथ हर गेंद को खेला.

 

इस शृंखला में अभी तीन पारियां शेष हैं और पुजारा अगर ऐसे ही बल्लेबाजी करते रहे, तो वे भारत को जीत तक पहुचाने में जरूर कामयाब होंगे.

 

उसी वक़्त बांगर ने अन्य बल्लेबाजों को भी लताड़ा, जिनके कारण टीम 161-3 से 195-8 तक पहुंच गई.

 

हार्दिक पांड्या और रविचंद्रन अश्विन के बारे में बात करते हुए बांगर ने कहा कि वे दोनों काफी आसानी से आउट हो गए. हार्दिक ने गेंद को समझा नहीं, और अश्विन काफी जल्दी रिवर्स स्वीप ट्राइ कर रहे थे.