मुकाबले की शुरुआत
भारत 4 अक्टूबर से वेस्ट इंडीज के खिलाफ मुकाबला खेलेगा| एशिया कप के दौरान आराम करने के बाद विराट कोहली भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे| टेस्ट श्रृंखला की शुरुआत से पहले विराट कोहली ने टीम की बारे मे बात की| उन्होने कहा कि  ऊपरी क्रम की समस्या को सुलझाना जरूरी है और यह मौका है नए खिलाड़ियों के लिए  टीम में जगह बनाने का|

 

गौरतलब है कि 18 वर्षीय पृथ्वी शा राजकोट में होने वाले इस मुकाबले में पदार्पण करेंगे| विराट कोहली को उनसे काफी उम्मीद है| वे के एल राहुल के साथ पारी की शुरुआत करेंगे| उन्होने कहा कि ऊपरी क्रम में जगह है और खिलाड़ियों के पास मौका है कि वे अपने प्रदर्शन से ऊपरी क्रम में जगह बना सके| नए खिलाड़ियों के लिए यह मौका है कि वे अन्तराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें|

 

कोहली ने निचले क्रम के बारे में बात करते हुए कहा कि निचले क्रम में बदलाव की कोई जरूरत नहीं है| रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए आ रहे हैं| उनपर केवल इस बात का दबाव है कि वे अपने घरेलू प्रदर्शन को विदेशी पिच पर भी करके दिखा सकें|

 

प्लेयिंग एलेवन 
गौरतलब है कि विराट कोहली हमेशा से ही मुकाबले से पहले टीम में बदलाव करते हैं और कभी भी एक ही टीम लगातार दो मुकाबलों में नहीं खिलाते. इसी कारण से इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में मिली हार के कारण उनकी आलोचना भी की गई थी|

विराट ने अपने फैसले को बचाते हुए हमेशा कहा है कि हर मुकाबले के लिए हमें सबसे बेहतर टीम संयोजन की जरूरत होती है| उन्होने कहा कि अधिकतर बदलाव गेंदबाजी विभाग में किए जाते हैं. उन्होने कहा कि पिछले समय में बल्लेबाजी में बदलाव नहीं किए गये हैं| हमेशा ही टीम को परिस्थितियों के हिसाब से चुना जाता है|

 

कोहली इस बारे में बताते हैं कि परिस्थितियों और प्रदर्शन को ध्यान में रखकर लगातार अच्छे खिलाड़ियों का टीम संयोजन बनाना चाहिए| इसी कारण भारतीय टीम ने हर मुकाबले में 20 विकेट लिए| कोहली ने कहा कि इस प्रक्रिया से गेंदबाजी में काफी सुधार आया है लेकिन बल्लेबाजी में सुधार करना भी जरूरी है| गौरतलब है कि इंग्लैंड में भारत की बल्लेबाजी ही उनकी कमी साबित हुई थी|

 

नए चेहरे 

 

टीम में जुड़ने वाले नये चेहरों की बात करते हुए कोहली ने कहा कि उनके पास मौका है कि वे अपनी प्रतिभा दिखाकर टीम में जगह बनाएं| कोहली ने अपने आराम के बारे में बात करते हुए कहा कि अब मैं मानसिक और शारीरिक रूप से काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं|

इस दौरान उन्होने काम के दबाव को भी बताने की कोशिश की| उन्होने कहा कि लोग मुकाबलों की संख्या की काम के दबाव के साथ जोड़ते हैं पर यह काफी गलत है| यदि मैं हर मुकाबले में शून्य पर आउट होता हूँ तो मेरे ऊपर कोई काम का दबाव नहीं है | उन्होने कहा कि खिलाड़ियों को थकने से बचाना ही विश्वकप 2019 से पहले की जरूरत है|