पांचवे दिन के तीसरे सत्र में, के एल राहुल की संघर्षशील पारी का अंत करते हुए, अदिल राशिद ने शेन वॉर्न की फेंकी गई सदी की सबसे उम्दा गेंद जैसी ही गेंद डाली. गौरतलब है कि राहुल 149 के निजी स्कोर पर खेल रहे थे और राशिद की करिश्माई गेंद न पढ़ पाने के कारण वे आउट हो गए. मुकाबले के इसी लम्हे में भारत के लिए मैच का रुख बदल गया और भारत ने 118 रनों से मुकाबला गवां दिया. सीरीज पर इंग्लैंड ने पहले ही कब्जा किया हुआ था और अंतिम मुकाबले के बाद इंग्लैंड ने 4-1 के स्कोर से सीरीज जीत ली.

 

 

के एल राहुल और ऋषभ पंत ही केवल ऐसे बल्लेबाज थे जिन्होने इंग्लैंड के खिलाफ संघर्ष किया. दुर्भाग्यवश राहुल राशिद का शिकार हुए, और राशिद ने राहुल को चकमा देकर उनका विकेट अपने नाम किया. 82वें ओवर में फेंकी गई यह पहली गेंद अप्रत्याशित रूप से 10 डिग्री तक घूम गई.

क्रिकेट देख रहे दर्शकों ने इसे इक्कीसवीं सदी की सबसे उम्दा गेंद का नाम दे दिया. गौरतलब है कि 1993 में शेन वॉर्न ने माइक गेटिंग का विकेट लेने के लिए ऐसी ही गेंद फेंकी थी. उस वक़्त के विशेषज्ञों ने उस गेंद को बीसवीं सदी की गेंद का खिताब दिया था.

464 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए राहुल और पंत ने मैदान पर लगी देर तक अपने पांव जमा कर रखे थे. दोनों ही बल्लेबाजों ने इस दौरान शतक लगाया. के एल राहुल ने 224 गेंदो पर 149 रन बनाए और पंत ने 146 गेंदों पर 114 रन. दुर्भाग्यवश राशिद के 2/63 के शानदार स्पैल के कारण भारत अंत में हार गया.