सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ 2000 के दशक के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी थे. उनकी जोड़ी काफी भरोसेमंद और हर परिस्थिति में रन बनाने वाली थी. इन्होने कई शानदार साझेदारीयों के साथ भारतीय क्रिकेट के नाम को बुलंदी पर पहुंचाया. दोनों ही दिग्गज बल्लेबाज कई कप्तानों के कप्तानी में खेले, और कप्तान के लिए कई मैच जीताकर भी दिये. भारत को सलामी बल्लेबाजों की जोड़ी के लिए हमेशा ही संघर्ष करना पड़ा है, पर सचिन और द्रविड़ की जोड़ी अपने अपने नंबर के अनुसार सबसे उपयुक्त थी.

143 टेस्ट पारियों में इस जोड़ी ने बल्लेबाजी करते हुए कुल 6920 रन बनाए थे, इसमें इनकी औसत कुल 50.21 थी और इन्होने साथ में कुल 20 शतकीय और 29 अर्ध शतकीय पारियां खेली थीं. सीमित ओवर के क्रिकेट में इनकी जोड़ी ने 4117 रन साथ बनाए थे, जिसमें ग्यारह शतक और 14 अर्ध शतक शामिल थे.

तेंदुलकर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के औपचारिक फेसबूक पेज पर चलाई गई एक विडियो में बोले, ” यहा आना और खेलना हमेशा ही खास है. मैं लॉर्ड्स पर हमेशा ही अच्छा महसूस करता हूं. दुर्भाग्यवश मैं यहां कभी ज्यादा रन नहीं बना पाया, पर होनर बोर्ड पर कई बड़े नाम नहीं है, इसीलिए मैं ज्यादा निराश नहीं होता.”

Rahul Dravid & Sachin Tendulkar | Greats of Lord's

🇮🇳 Sachin Tendulkar & Rahul Dravid are two of the finest to grace the game…Hear their memories of playing at Lord's together ⬇️

Posted by Lord's Cricket Ground on Monday, August 6, 2018

दूसरी ओर राहुल द्रविड़ नें तेईस की उम्र में अपना टेस्ट डेब्यू इसी ग्राउंड पर किया था. राहुल ने इस मैदान पर कुल 95 रन बनाए थे. वे अपने पहले ही मैच में 5 रन से शतक से चूक गए थे. राष्ट्रीय टीम से शानदार पारी खेलने के बाद राहुल ने भारत को जीत दिलाई.

इन दोनों महान बल्लेबाजों की जोड़ी की प्रशंसा कई दिग्गज क्रिकेटर कर चुके हैं, जिसमें वकार यूनिस और सौरव गांगुली भी शामिल हैं. एक छोर पर पाकिस्तानी दिग्गज यूनिस ने भारत की जीत का श्रेय इन दोनों की मध्यक्रम में मौजूदगी को दिया तो वहीं सौरव गांगुली ने कहा कि इन दोनों की बल्लेबाजी और आपसी सूझ बूझ के कारण ही भारत विश्व की बड़ी बड़ी टीमों से जीत पाया है.

श्रीलंका के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा ने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों के खेलने का तरीका और रनों की गति को कम या ज्यादा करने का हुनर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है.
जहां क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंडुलकर ने लॉर्ड्स पर कभी शतक नहीं लगाया, वहीं द वॉल ने 2011 में लॉर्ड्स पर शतक लगाया था. भारत की इस मैच में हार का सामना करना पड़ा था, पर द्रविड़ भारत की ओर से दसवें खिलाड़ी थे जिन्होने यहां शतक लगाया हो. आखिरी शतक यहां अजिंक्य रहाणे ने लगाया था. उन्होने भारत के 2014 के दौरे में लॉर्ड्स पर शतक लगाया था. गौरतलब है कि ग्यारह शतक में से भारत को जीत केवल दो बार मिली. पहली बार जब दिलीप वेंगसरकर ने यहां 126 नाबाद बनाए थे, और अजिंक्य रहाणे ने जब 103 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी.