पाकिस्तान के खिलाफ खेलने की इक्षा हमेशा ही थी : युजवेंद्र चहल 

 

भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल  पाकिस्तान के खिलाफ खेलने के लिए काफी ज्यादा उत्सुक हैं. उन्होने कहा कि 19 सितंबर को होने वाले इस मुकाबले के लिए वे नर्वस से ज्यादा उत्सुक हैं.
लेग स्पिनर ने कहा कि वे अपने करियर में एक दफा जरूर पाकिस्तान के खिलाफ खेलना चाहते थे, वे महसूस करना चाहते थे कि कट्टर प्रतिद्वंद्वीयों के खिलाफ खेलना कैसा लगता है. हालांकि अब उन्हे मौका मिल चुका है और वे मौके का फायदा उठाना चाहते हैं.

 

 

1996 में पाकिस्तान बनाम भारत का मुकाबला,चहल का सबसे पसंदीदा

 

कुछ ही वक़्त में भारतीय स्पिन गेंदबाजी के मुख्य गेंदबाज बनने वाले युजवेंद्र चहल ने कहा कि उन्होने भारत बनाम पाकिस्तान के सभी मुकाबले देखे हैं. और उन्हे लगता है कि 1996 विश्वकप सबसे ज्यादा रोमांचक था.
भारत बनाम पाकिस्तान के मुकाबलों पर बात करते हुए चहल ने कहा कि हर मुकाबला लगभग पसंदीदा कहा जा सकता है क्योकि इन मुकाबलों से लोगों की आशाएँ जुड़ीं होती हैं.

 

उन्होने कहा कि वे किसी भी टीम के खिलाफ खेलें, उनके लिए हर विकेट की वैल्यू समान है. और उन्हे पता है कि मैन ऑफ द मैच होने के लिए पांच विकेट पूरे लेने होंगे.
चहल ने कहा कि विकेट के पीछे से धोनी काफी मदद करते हैं 

 

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का उनकी गेंदबाजी में योगदान पूछने पर उन्होने कहा कि, धोनी विकेट के पीछे से काफी ज्यादा मददगार हैं. वे गेंदबाजों को सही मार्गदर्शन देते हैं.
उन्होने कहा कि धोनी सब कुछ बताते हैं जैसे विकेट किस तरह का बर्ताव कर रहा है, गेंदबाजी के लिए सही क्षेत्र कौन से हैं. इन सभी से गेंदबाजों को काफी मदद मिलती है, अगर धोनी यह न बताएं तब 2-3 ओवर यही जानने में निकल जाते हैं.

 

लेग स्पिनर ने कहा कि धोनी कप्तान रह चुके हैं, उनके पास वर्षों का अनुभव है. वे बल्लेबाज को काफी नजदीक से देखते हैं और वे जानते हैं कि किस पिच पर किस तरह खेलना है.

 

चहल ने कहा कि कई बार हमारी योजनाए मेल नहीं खाती. पर ऐसा नहीं कि धोनी हमारी योजनाओं को नकार देते हैं, हम इस पर चर्चा करते हैं.