August 20, 2018
| On 10 महीना ago

अजिंक्य रहाणे ने लॉर्ड्स में अपनी बल्लेबाजी के विषय में बात की!

By Vandana Mrigwani
लगातार शर्मनाक हारों के बाद, भारतीय टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने काफी चिंतन किया. पहला और सबसे जरूर मूव था जितना और दूसरा मूव था अपनी बल्लेबाजी में सुधार करना.
बीसीसीआई डॉट टीवी से बात करते हुए उन्होने बताया कि ड्रेसिंग रूम में बैठ कर उन्होने अपनी सारी अच्छी पारियों के बारे में सोचा. उन्होने सभी चीजों का आकलन किया कि वे कैसे खेले थे उस वक़्त और अब खेलने के हालात क्या हैं. उन्होने अपनी मानसिक स्थिति को अच्छे प्रदर्शन की सबसे बड़ी कुंजी बताया.

अच्छे मानसिक स्थिति के साथ बल्लेबाजी करना रहाणे के लिए सबसे आवश्यक था. एडजस्टेन और लॉर्ड्स पर लगातार दो हारों के बाद रहाणे ने सारा ध्यान केवल जीत की ओर लगा रखा था. रहाणे यह जानते थे कि उतार एवं चढ़ाव हर क्रिकेटर के करियर में लगा रहता है. और उन्हे यह भी पता था कि अच्छी मानसिक स्थिति ही जीत दिलाने में कामयाब है.

इंटरव्यू में रहाणे ने बताया कि वे जीत के विषय में नहीं सोच रहे थे. जीत के विषय पर सोचने से बेवजह का दबाव बनता है. आप हर गेंद पर ध्यान केंद्रित किजिए तभी बेहतर परिणाम आ सकते हैं. हर गेंद को अच्छी तरह खेलना ही सबसे पहला कदम है. रहाणे के अनुसार हर गेंद को मेरिट से खेलें.

रहाणे ने कप्तान कोहली के साथ कुल 159 रनों की साझेदारी की. अपनी साझेदारी के बारे में बात करते हुए रहाणे ने कहा कि हमारे लिए रन बनाना काफी मुश्किल था. रहाणे ने बताया कि यह बात वे जानते थे.
उन्होने बताया कि शुरुआत से ही उन्होने स्ट्राइक रोटेट करने की सोच ली थी. कम्फर्ट ज़ोन से बाहर आना भी सबसे ज्यादा जरूरी है. अगर कोई खिलाड़ी ऐसा नहीं कर सकता तो वह खेल पाने असमर्थ होगा. रहाणे ने कहा कि उन्होने बुरी गेंदे खेलीं और अच्छी गेंदों का सम्मान किया.

रहाणे ने पहले दिन में बल्लेबाजी की भी बात की. उन्होने कहा कि भारत मे काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. उन्होने कहा कि यदि पांड्या आउट न होते तो स्कोर और अच्छा होता. पर अंततः वे स्कोर से खुश थे.
रहाणे और विराट की अच्छी पारियों ने टीम को पहले दिन के अंत तक 307/6 पर पहुंचा दिया था.
Vandana Mrigwani