| On 11 महीना ago

धोनी या गांगुली नहीं, ये हैं कुंबले के पसंदीदा कप्तान!

By Vandana Mrigwani
दो दशकों तक चला करियर

बीते दिनों हुए एक इंटरव्यू के दौरान अनिल कुंबले ने अपने सबसे ज्यादा पसंदीदा कप्तान का नाम बताया|  गौरतलब है कि अनिल कुंबले भारत की ओर से अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं|

दो दशकों तक चले करियर के दौरान अनिल कुंबले कई कप्तानों के साथ खेले और कई उम्दा खिलाड़ी उनके साथी भी रहे| इस दौरान कुंबले ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और कई सारी उपलब्धियां उन्होने अपने नाम की| उन्होने अपने करियर में कई कप्तानों के साथ खेला जिनमे सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं|  उनसे हमेशा ही पूछा जाता रहा है कि उनका पसंदीदा कप्तान कौन है|

उनकी पसंद
कई कप्तानों के साथ खेले हुए अनिल कुंबले ने अपना पसंदीदा कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन को बताया. गौरतलब है कि अजहर लंबे समय तक भारत के कप्तान थे| उन्होने 174 एकदिवसीय और 47 टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी की थी| उन्होने भारत को सबसे ज्यादा 90 एकदिवसीय मुकाबलों में जीत दिलाई थी और बाद में उनका यह रिकॉर्ड पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी द्वारा तोड़ा गया था|

कुंबले ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी के पसंदीदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं|  कुंबले ने बताया कि उनकी पत्नी महेंद्र सिंह धोनी की काफी बड़ी प्रशंसक हैं और वे उनसे जब भी मिलती हैं तब तस्वीरे लेना पसंद करती हैं|

कुंबले का करियर
1990 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद कुंबले ने 132 टेस्ट मुकाबलों में कुल 619 टेस्ट विकेट अपने नाम किए थे| अन्तराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में कुंबले मुथैया मुरलीधरन और शेन वॉर्न के बाद तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं| 271 एकदिवसीय मुकाबलों में कुंबले ने कुल 337 विकेट लिए थे|

कुंबले ने अपने करियर में कई रिकॉर्ड बनाए और तोड़े थे| वो भारत की ओर से एक ही पारी में 10 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज थे| वे पहले भारतीय स्पिन गेंदबाज थे जिन्होने 300 विकेट लिए थे| उन्होने 2007 में टेस्ट कप्तान बनने के बाद नवम्बर 2008 में सन्यास लिया था|

सन्यास के बाद भी वे खेल जगत में सक्रिय थे| वे तीन सालों तक कर्नाटक क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष थे|उसके बाद उन्हे भारतीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था| पिछले वर्ष चैम्पियनस ट्रॉफी में मिली हार के बाद उन्हे कोच का पद छोड़ना पड़ा था|
Vandana Mrigwani