August 20, 2018
| On 10 महीना ago

हार्दिक पांड्या ने दिया क्रिटिक को जवाब, कहा मुझे हार्दिक पांड्या ही रहने दें

By Vandana Mrigwani
हार्दिक पांड्या ने अपना पहला फाइफर लिया. उन्होने यह किर्तिमान तीसरे मुकाबले में रचा. उनके फाइफर के. कारण इंग्लैंड की पहली पारी ट्रेंट ब्रिज में 161 रन पर सिमट गई.

पांड्या को शुरुआती दो मुकाबलों में खराब प्रदर्शन के लिए काफी घृणा का सामना करना पड़ा था, और वेस्ट इंडीज के दिग्गज खिलाड़ी माइकल होल्डिंग ने भी उनकी आलराउंड क्षमता पर सवाल खड़े कर दिये थे.
दिन के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में हार्दिक ने कहा कि वे कभी नहीं चाहते कि उन्हे कभी कपिल देव के साथ तुलना की जाये.

उन्होने कहा कि, ” तुलना तक ठीक है. पर समस्या तब शुरू होती है जब लोग कहना शुरू करते हैं. जब सब कुछ ठीक चल रहा होता है वो अच्छी बातें कहते हैं, पर फिर अचानक ही वे प्रश्न खड़े करने शुरू कर देते हैं.”

“मैं कभी कपिल देव नहीं बनना चाहता. मुझे हार्दिक पांड्या ही रहने दें. मैं हार्दिक पांड्या बन कर खुश हूं. मैंने हार्दिक पांड्या के रूप में 40 एकदिवसीय मैच और 10 टेस्ट खेले हैं, कपिल देव की तरह नहीं. “
उन्होने आगे कहा कि,” तुलना करना बंद करें. यदि आप मेरी तुलना नहीं करेंगे तो मैं खुश हूं. “

क्रिटिक को जवाब देते हुए पांड्या ने कहा कि,” मैं क्रिटिक के लिए नहीं खेलता. उन्हे बोलने के पेमेंट मिलते हैं और मैं सुनना नहीं चाहता कि वे क्या कहते हैं. मैं अपने देश के लिए खेलता हूँ, और देश के सिवा मेरे लिए कुछ भी मैटर नहीं करता. “

पांड्या ने कहा कि वे फूल लेंथ पर गेंद फेंकने के प्रयास में थे, ” मैंने गेंद को स्विंग कराने की कोशिश की और गेंद को स्विंग कराने के लिए फूल लेंथ आवश्यक है. उस पर बाउंड्री आने का मुझे डर नहीं था क्योकि विकेट के बदले बाउंड्री दी जा सकती है. “

तीसरे टेस्ट मैच में इशांत के कारण हार्दिक का प्रदर्शन सुधरा.

“इशी मुझे लगातार बता रहे थे कि सही जगह गेंदबाजी करो विकेट तभी मिलेंगे. “

अपने पहले शतक को याद करते हुए पांड्या ने कहा कि,” मैं फाइफर से ज्यादा खुश हूं. यह मेरी ज़िन्दगी का दूसरा फाइफर है और मैं काफी खुश हूं.”
Vandana Mrigwani