September 26, 2018
| On 9 महीना ago

अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ यह टाइ काफी यादगार है :- के एल राहुल

By Vandana Mrigwani
राहुल ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ खेलना काफी रोमांचक रहा

एशिया कप के सुपर फोर स्टेज में हुए अफ़ग़ानिस्तान बनाम भारत के मुकाबले में अहम भूमिका निभाने वाले के एल राहुल ने कहा कि अफगानिस्तान सीमित ओवर के क्रिकेट में काफी ज्यादा बेहतर है और उनके खिलाफ यह मुकाबला काफी यादगार और रोमांचक रहा. गौरतलब है कि राहुल ने इस मुकाबले में 66 गेंदों में 60 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली.

इस मुकाबले में पहले गेंदबाजी करते हुए भारत ने 50 ओवर में अफ़ग़ानिस्तान को कुल 252 के टोटल पर रोक दिया. उसके बाद बल्लेबाजी करते हुए के एल राहुल और अंबाती रायडू की शतकीय साझेदारी की मदद से भारत ने एक अच्छी शुरुआत कर ली थी. गौरतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान की कसी हुई गेंदबाजी के आगे भारत के मध्य क्रम ने घुटने टेक दिए और भारत केवल मुकाबले को टाइ ही करा पाया.

काश मैंने रिव्यू नहीं लिया होता :- के एल राहुल

अपनी पारी के अंत में के एल राहुल राशिद खान की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए थे. मैदान के अंपायर ने राहुल को आउट करार दिया था. अंपायर के फैसले के बाद राहुल ने रिव्यू लेने का फैसला किया और रिव्यू में यह साफ नजर आया कि राहुल आउट थे. इस रिव्यू के बाद फील्ड अंपायर को अपना फैसला नहीं बदलना पड़ा और भारत ने अपना रिव्यू गवां दिया. रिव्यू गवाने के कारण भारत को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा .
राहुल ने कहा कि रिव्यू गवाने के बाद उन्हे लगता है कि काश वे रिव्यू नहीं लेते पर उस वक़्त उन्हे लगा कि शायद हो सकता है कि वे नॉट आउट हों.

हालांकि बाद में उन्होने कहा कि वे केवल सकारात्मक चीजों के बारे में सोच रहे हैं और उन्हे लगता है कि हर मुकाबला कुछ नया सिखाता है. उन्होने शॉट खेला, फिर रिव्यू लिया और वह गलत साबित हुआ. इससे उन्हे भविष्य के लिए सीख मिलेगी कि ऐसी परिस्थितियों के दौरान क्या करना है.

राहुल ने मध्य क्रम का बचाव किया

राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्य क्रम के बल्लेबाजों का बचाव किया. राहुल ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमारा मध्य क्रम लय में नहीं हैं. पिच मुकाबले के दौरान खराब होती गई और स्पिन का प्रभाव उसपर बढ़ता गया. मध्य क्रम में हम दिनेश कार्तिक को देख सकते हैं और केदार और अन्य बल्लेबाजों के साथ हुई साझेदारीयां भी देख सकते हैं. और निचले क्रम में आकर जडेजा और दीपक चहर ने भी काफी संघर्ष किया.
Vandana Mrigwani