ICC CWC 2019 : ऐसे 3 मौके जब विश्वकप जीतने वाली टीम के खिलाड़ी को नहीं मिला ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ अवॉर्ड

Published on: May 23, 2019 3:09 pm IST|Updated on: May 23, 2019 3:16 pm IST

ICC Cricket World Cup  जीतने के लिए पूरी टीम का योगदान महत्व होता है. World Cup इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है, जब किसी एक खिलाड़ी के दम पर किसी टीम ने विश्वकप जीता हो.

लेकिन, विश्वकप इतिहास में ऐसे तीन मौके जरूर आए. जब विश्वकप जीतने वाली टीम के खिलाड़ी को मैन ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड नहीं मिला. इन तीन खिलाड़ियों के बारे में बताने से पहले हम आपको मैन ऑफ द टूर्नामेंट के इतिहास के बारे में बताते हैं.

1992 क्रिकेट विश्वकप से पहले चार बार इस मेगा इवेंट का आयोजन हुआ था. तब किसी भी मैच में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया जाता था.

लेकिन, साल 1992 में पहली बार विश्वकप के बेस्ट खिलाड़ी को ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ के अवॉर्ड से नवाजने का चलन शुरू हुआ.

1) मार्टिन क्रो :

न्यूजीलैंड के मार्टिन क्रो ने सबसे पहले विश्वकप में मैन ऑफ द सीरीज अवॉर्ड अपने नाम किया था. भले ही, 1992 क्रिकेट विश्वकप पाकिस्तान के खाते में गया.

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लेकिन, पूरे टूर्नामेंट मार्टिन क्रो ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीता. मार्टिन क्रो ने 9 मैचों में कुल 456 रन बनाए थे.

 

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2) लांस क्लूजनर :

ऑस्ट्रेलिया ने 1999 क्रिकेट विश्वकप अपने नाम किया था. फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हराया था.

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लेकिन, टूर्नामेंट के बेस्ट खिलाड़ी का अवॉर्ड लांस क्लूजनर ले गये. साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर क्लूजनर ने 281 रन बनाने के अलावा 17 विकेट चटकाए थे.

3) सचिन तेंदुलकर :

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी इस फेहरिस्त में शामिल हैं. सचिन तेंदुलकर ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 673 रन बनाए. साथ ही दो विकेट भी अपने नाम किये. लेकिन, अपनी टीम को विश्वकप जीताने में नाकामयाब रहे.

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ऑस्ट्रेलिया ने भारत को फाइनल मुकाबले में भारत को 125 रनों से हराया था. हालाँकि, सचिन का विश्वकप जीतने का सपना 2011 क्रिकेट विश्वकप में पूरा हो गया.

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