मुख्य खिलाड़ियों की चोटों ने किरकिरा किया है छठे सीजन का रोमांच

प्रो कबड्डी लीग के छठे सीजन का आधा सफर तय हो चुका है। कबड्डी का यह सीजन बेहद उलटफेरों से भरा रहा है। वही इस सीजन युवा खिलाड़ियों ने अपना परचम लहराया है। लेकिन इस सीजन  मुख्य खिलाड़ियों की चोटों ने जरुर सीजन के रोमांच को किरकिरा किया है। लगभग हर टीम इस सीजन अपने खिलाड़ियों की चोट से जूझती नजर आयी है।खासतौर पर पुणेरी पलटन और हरियाणा स्टीलर्स।

 

 

हरियाणा को शुरुआती झटका

 

हरियाणा स्टीलर्स का इस सीजन प्रदर्शन बेहद निराशानजनक रहा है। टीम को सीजन के शुरुआत में ही सुरेंदर नाडा के रुप में बड़ा झटका लगा था। सुरेंदर नाडा सीजन के शुरुआती मैच में ही चोट के चलते पूरे सीजन से बाहर हो गए थे। सुरेंदर सीजन के शुरुआत में हरियाणा के कप्तान भी थे। नाडा के टीम से बाहर होने से हरियाणा का डिफेंस में इस सीजन अनुभव की कमी साफ तौर पर नजर आई है। वही कप्तान के तौर पर नियुक्त किए गए मोनू गोयत पर कप्तानी का भार उनके प्रदर्शन में खुल कर सामनें आया है। हरियाणा की टीम इस सीजन बुरी तरह से फ्लॉप रही है।

 

 

पुणेरी पलटन का खेल खराब

 

पुणेरी पलटन ने इस सीजन की शुरुआत शानदार तरीके से की थी। लेकिन मुख्य खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम जीत की पटरी से भटक गयी। पुणेरी के लिए पहले गिरिश चोट के चलते कुछ मैचों में बाहर हुए। वही उनकी वापसी के बाद टीम के मुख्य रेडर नितिन तोमर मैच के दौरान चोट खा बैठे। नितिन लगभग पिछले 8 मैचों से टीम का हिस्सा नहीं है। उनका ना होने के चलते पुणेरी पलटन रेड में पॉइंटस के लिए बेहद संघर्ष करती नजर आ रही है। टीम ने नितिन तोमर की गैरहाजिरी में पिछले 8 मुकाबलों में सिर्फ दो मैच में ही जीत हासिल की है।

दिल्ली की टीम को लिए इन फॉर्म रेडर प्रशांत कुमार का चोटिल होना काफी मंहगा पड़ा था। तो वही यूपी योद्धा के जीवा कुमार का शुरुआती मैचों में नही खेल पाना टीम के डिफेंस को काफी अखरा था।

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