भारत को लगातार दो हारों के बाद काफी कुछ सहना पड़ा. भारतीय टीम को बुरी तरह ट्रॉल किया गया, उनका उपहास उड़ाया गया और क्रिटिसाइज़ भी किया गया. तीसरे मैच में जीत के बावजूद भारतीय टीम पर उतना ही दबाव है.

भारतीय पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि जीत का उत्सव मनाने की बजाय चौथे टेस्ट के लिए अभ्यास करना चाहिए. वीरेंद्र सहवाग के मुताबिक चौथा टेस्ट मैच भारतीय टीम के लिए “करो या मरो” का मुकाबला है. सहवाग ने वाजिब कारण देकर कहा कि ट्रेंट ब्रिज के प्रदर्शन को दोहराना होगा.

 

आखिरी बार जब भारतीय टीम ने मुकाबले हार के सीरीज जीती तब ऑस्ट्रेलिया की टीम थी वह, और उसका नेतृत्व डॉन ब्रैडमैन कर रहे थे. इंडिया टीवी के साथ इंटरव्यू के दौरान सहवाग ने कहा कि चौथा मैच जीतना होगा तभी वे सिरीज जीत पायेंगे. अगर वे जीत नहीं पाये तो अगली कोशिश सीरीज ड्रॉ की करनी चाहिए.

 

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सहवाग ने कहा कि यह बिल्कुल भी नामुमकिन नहीं है. भारत को केवल दबाव बनाकर रखना है. भारतीय गेंदबाजों और भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम ने जीत हासिल की. वही प्रदर्शन दोहराया जाना चाहिए. यह मुश्किल होगा, पर नामुमकिन नहीं. पिछला मैच जीतने के बाद भी यह आसन नहीं होगा. भारत ने जैसे दो हारों के बाद वापसी की है उसी तरह इंग्लैंड की टीम भी वापसी कर सकती है.

 

इस बहु प्रतीक्षित जीत के बाद सभी की निगाहें आने वाले प्रदर्शन पर हैं. विराट ने 200 रन बनाये थे और वे मैन ऑफ द मैच चुने गए थे, वीरेंद्र सहवाग ने भारतीय कप्तान पर भी काफी कुछ कहा.

 

सहवाग ने कहा रैंकिंग में टॉप पर जाना किसी के लिए भी बड़ी बात हो सकती है पर विराट के लिए यह कुछ भी नहीं. विराट का लक्ष्य विराट होना चाहिए. विराट को सचिन के सौ शतक की बराबरी की कोशिश करनी चाहिए और टीम को जीत की दहलीज पार करानी चाहिए.