भारतीय टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज और वनडे टीम के अहम हिस्सा बन चुके अंबाती रायुडू ने शनिवार शाम अपने एक फैसले से सभी को हैरान कर दिया है। शनिवार शाम इस मध्यक्रम के बल्लेबाज ने क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट यानी टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा कर दी है।

हालांकि रायुडू का यह फैसला फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट से सन्यास का है। इस फैसले के साथ ही यह साफ हो गया है की रायुडू अब घरेलू टेस्ट मैच के साथ साथ अंतराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट भी नही खेल पाएंगे। रायुडू ने इस फैसले के पीछे वजह बताई है की वह अपना ध्यान वनडे और T20 पर केंद्रित करना चाहते हैं।

 

देखा जाए तो टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लेने वाले रायुडू का यह ‘सन्यास’ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू से पहले ही हो गया है। भारत के लिए 45 वनडे और 6 T20 खेल चुके रायुडू को अब तक भारतीय टीम की ओर से सफेद जर्सी पहनने का मौका नही मिल सका है।

 

33 साल के रायुडू के इस सन्यास के फैसले के बाद वह अब रणजी ट्रॉफ़ी समेत अन्य टेस्ट मैच श्रेणी के क्रिकेट नही खेल पाएंगे। इनके फर्स्ट क्लास में प्रदर्शन को देखे तो इनका फर्स्ट क्लास कैरीयर 17 साल लंबा रहा। इस दौरान 97 मैच खेलते हुए 45.56 की बेहतरीन औसत रायुडू ने 6151 रन बनाए। इनके नाम फर्स्ट क्लास में 16 शतक भी शामिल है जिसमें इनका उच्चतम स्कोर 210 रन का है।

 

उनका यह सन्यास केवल लंबे फॉर्मेट से ही है ऐसे में अंबाती रायुडू अंतराष्ट्रीय वनडे और T20 के साथ साथ घरेलू स्तर के भी वनडे और T20 मैच खेलते रहेंगे। 2013 में ही अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रायुडू का सफर उतार चढ़ाव से भरा रहा है।

टीम से अंदर बाहर होते रहने के बाद पिछले IPL में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हुए रायुडू ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उन्होंने पिछले IPL में कुल 602 रन बनाते हुए फिर से टीम में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे थे। इसके बाद से रायुडू वनडे में टीम के अहम हिस्सा बने हुए हैं और इनके प्रदर्शन को देखते हुए इनके 2019 में होने वाले विश्व कप टीम में भी शामिल होने की संभावना है।