जानिये कहानी क्या है? 
पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज और मौजूदा वक़्त में भारतीय ए टीम के कोच राहुल द्रविड़ को किये गये एक फोन कॉल से, भारतीय टीम के नए खिलाड़ी हनुमा विहारी को काफी मदद मिली. आंध्रा प्रदेश के इस बल्लेबाज की फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट में औसत 56.79 की है और अपने करियर के पहले अन्तराष्ट्रीय टेस्ट मुकाबले में ही उन्होने एक अर्ध शतक जड़ा. उनके इस अर्ध शतक से टीम को खासी मदद मिली.
राहुल द्रविड़ के साथ हुई बातचीत पर हनुमा ने कहा कि, 
“मैंने उन्हे पदार्पण के एक दिन पहले कॉल किया, मैंने उन्हे बताया कि कल मैं डेब्यू कर रहा हूं, उन्होने कुछ दो मिनट मुझसे बात की और अपने विचार मुझे बताये. मुझे लगता है कि उनके कारण ही मेरी नर्व में मदद मिली. वो प्रेरक शब्द एक दिग्गज व्यक्ति के थे इसलिए मुझे काफी मदद मिली 
उन्होने कहा कि तुम अच्छा करोगे. तुम्हारे अंदर प्रतिभा है, धैर्य है और मानसिक क्षमता है. मैदान पर जाओ और खेल को जियो. मैं उन्हे श्रेय दूंगा क्योंकि भारत ए के साथ मेरी यात्रा में ही मैंने काफी कुछ सीखा, वह मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण थी. मैंने वहां प्रदर्शन किया और उसका कारण उनकी गाइडेंस है. “
विहारी जब बल्लेबाजी करने उतरे तब टीम बुरे समय में थी, भारत ने अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा का विकेट लगातार खोया था, और स्कोर 103 पर 4 हो गया था. एंडर्सन की धारदार गेंदबाजी के कारण ऐसा हुआ था. एंडर्सन की धारदार गेंदो के जवाब में विहारी ने धैर्य के साथ सीधे बल्ले से जवाब दिया. ब्रॉड के खिलाफ विहारी को कई क्लोज काल्स थीं, पर आंध्रा बल्लेबाज ने धैर्य के साथ जवाब दिया. इंग्लैंड के खिलाफ लक्ष्य के करीब आने के लिए उन्होने जडेजा के साथ 77 रनों की साझेदारी की.
विहारी ने अपनी पदार्पण पारी पर कहा कि, 
“जहां तक था, मुझे दबाव महसूस हुआ. मैं काफी ज्यादा नर्वस था और नर्वस व्यक्ति अंवांछित चीजे करता है. जहां तक मुझे लगता है कि शनिवार को लगभग किसी गेंद ने मुझे इतना परेशान नहीं किया. विराट ने मेरी काफी मदद की, ताकि मैं आराम से खेल सकूं. हालांकि जब मैं सैटल हो गया तब विकेट पर बल्लेबाजी करना काफी मजेदार और दिलचस्प था. “
आईपीएल ड्रीम्स? 
2012 की अंडर-19 विश्वकप विजेता टीम के सदस्य हनुमा को केवल दो ही आईपीएल सीजन में खिलाया गया है अब तक.
” अगर मुझे आईपीएल में मौका मिला तो मैं जरूर खेलूंगा. पर भारतीय टीम तक पहुंचाने का केवल रास्ता मुझे घरेलू क्रिकेट मिला. मुझे पहचान बनाने के लिए ज्यादा रन बनाने हैं. और मैं आंध्रा प्रदेश से आता हूँ और लोग इन राज्यों के बारे में ज्यादा नहीं जानते. तो मेरी कोशिश रहेगी कि मैं ज्यादा से ज्यादा रन बनाकर, धैर्य के साथ बल्लेबाजी करूं. “