एक बार फिर हुआ साबित धोनी स्टंपिंग में बिजली से भी तेज है, देखिए वीडियो

By Taranjeet Sikka

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच में खेले जा रहे दूसरे वनडे में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर से अपनी बिजली से तेज रफ्तार वाली विकेटकीपिंग की है। इस कारनामे के बाद उन्होंने पूरे देश को एक बार फिर से इस बात अहसास दिला दिया है कि वो क्यों इस टीम के लिए खास है।

पीटर हैंड्सकांब का किया शिकार

धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज पीटर हैंड्सकांब को 20 रन पर स्टंप आउट किया। जिसमें उन्होंने अपनी तेजी का परिचय एक बार फिर से दिया है। इस स्टंप में धौनी हमेशा की तरह शार्प और फुर्तीले दिखे। उन्होंने हैंड्सकॉम्ब को जरा सा भी मौका नहीं दिया कि वो वापसी कर सके।

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाजी का ये 28वां ओवर था और इसे रवींद्र जडेजा गेंद फेंक रहे थे। जडेजा ने ऑफ स्टंप के बाहर गेंद को हवा में ही रखा और उन्होंने हैंड्सकॉम्ब को शॉट लगाने के लिए उकसाया लेकिन वो गेंद मिस कर बैठे, तब तक विकेट के पीछे खड़े धोनी ने अपना काम कर दिया था। ये स्टंपिंग धोनी की तरफ से खेले जाने वाले स्मार्ट क्रिकेट का एक अद्भुत उदाहरण था।

वनडे क्रिकेट में देशों के खिलाफ धोनी की स्टंपिंग:

श्रीलंका के खिलाफ 24

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ 16-16

वेस्टइंडीज के खिलाफ 14

आपको बता दें कि धोनी ने 334 मैचों में 116 स्टंप कर ली है। रवींद्र जडेजा और महेंद्र सिंह धोनी के इस विकेट से पीटर हैंड्सकॉम्ब और शॉन मार्श की 52 रनों की साझेदारी टूट गई थी। शॉन मार्श के साथ उनकी भागीदारी भारत के लिए एक खतरा बनती जा रही थी। रवींद्र जडेजा की ललचाई हुई गेंद पर पीटर आगे बढ़कर खेलने के चक्कर में धोनी के हाथों शिकार बन बैठे। पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 22 गेंदों पर 20 रन बनाए और इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने 134 रनों पर अपना चौथा विकेट खो दिया था।

पहले मैच के लिए हो रही थी आलोचना

आपको बता दें कि पहले वनडे में धोनी ने 51 रन की पारी खेली थी। गौरतलब है कि इसके लिए उन्होंने 96 गेंदें ली थीं और धोनी की काफी आलोचना की जा रही थी। रोहित शर्मा और धोनी के बीच में चौथी विकेट के लिए 137 रनों की साझेदारी ही थी जिसके बावजूद टीम इंडिया 34 रनों से हार गई थी।

Taranjeet Sikka