जडेजा ने अपना पहला शतक अपनी मां को समर्पित किया!

राजकोट टेस्ट के दूसरे दिन चमके रवींद्र जडेजा

राजकोट टेस्ट का दूसरा दिन रवींद्र जडेजा के लिए काफी बेहतरीन रहा| उन्होने अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग, तीनों जगह अच्छा प्रदर्शन किया. गौरतलब है कि जडेजा ने दूसरे दिन अपना शतक पूरा किया, उसके बाद तेज फील्डिंग से एक विकेट लिया और उसके बाद गेंदबाजी करते हुए विकेट भी चटकाए|
जडेजा ने शतक लगाने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह शतक उन्होने अपनी माँ को समर्पित किया है|

मेरी माँ का सपना था कि मैं भारत की ओर से खेल पाऊं :- जडेजा

दूसरे दिन ने अंत में जडेजा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह इस शतक को अपनी मां को समर्पित करेंगे|
उन्होने आगे कहा कि उनकी मां हमेशा से यही चाहतीं थी कि वे इंडिया के लिए खेलें| आज उनकी मां इस दुनिया में नहीं है| जडेजा कहते हैं कि यह मेरे लिए एक खास दिन है और मैं अपना शतक अपनी मां को समर्पित करता हूं|

रन के बारे में नहीं सोच रहा था : जडेजा

अपनी पारी के बारे में बात करते हुए जडेजा ने कहा कि इस दौरान वे रनों के बारे में नहीं सोच रहे थे| यह उनका पहला शतक था और यह काफी खास है.
जडेजा ने कहा कि इससे पहले भी उन्होने 80 और 90 रनों की पारियां कई बार खेली है पर उन्हे शतक में ना बदल पाने के कारण वे हर बार निराश हो जाते थे| पर इस बार अपने घरेलू मैदान पर शतक लगाकर उन्हे काफी अच्छा महसूस हो रहा है|
जडेजा ने अपनी पारी के दौरान आक्रामक रुख अपनाकर बल्लेबाजी की| गौरतलब है कि यह जडेजा इसी प्रकार खेलते हैं| उन्होने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर शतक लगाया|
उन्होने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान वे काफी शांत थे और वे धैर्य के साथ हर एक गेंद को खेल रहे थे| वे हर गेंद को ध्यान से खेल रहे थे और उनकी कोशिश थी कि अधिक से अधिक खेल सकें|
उन्होने कहा कि अपनी पारी के दौरान वो कोई भी खराब शॉट खेलकर आउट नहीं होना चाहते थे| उन्होने बताया कि जब शमी और उमेश बल्लेबाजी करने आए तब जडेजा ने उनसे बात की और कहा कि मुझे खेलना है और शतक लगाना है|

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