क्रिकेट फैंस के लिए बुरी खबर, बहुत जल्द संन्यास ले सकती हैं महिला क्रिकेट की ‘सचिन तेंदुलकर’

महिला टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पूर्व कप्तान मिताली राज को टीम इलेवन में जगह न मिलने पर विवाद खड़ा हो गया है। मिताली ने टूर्नामेंट में लगातार दो अर्धशतक लगाए थे. लेकिन, फिर भी उन्हें  टीम में जगह नहीं दी गयी। मिताली टी-20 में भारत की ओर से सबसे ज्यादा 2283 रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं।

 

उनके अलावा टॉप-5 बल्लेबाजों में हरमनप्रीत कौर (1886), स्मृति मंधाना (1046), पूनम राउत (719) और वेदा कृष्णमूर्ति (671) का नंबर आता है।लेकिन इसके बावजूद जब सेमीफाइनल जैसे मुकाबले से मिताली को बाहर किया गया, तो क्रिकेट जगत ने इस फैसले की तीखी आलोचना की.

विवाद के पीछे की कहानी

सेमीफाइनल मैच में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथो करारी शिकस्त मिली थी और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गई, जिसके बाद यह विवाद खड़ा हो गया टीम की एक सर्वश्रेष्ठ खिलाडी को क्यों जगह नहीं दी गई?

 

बहरहाल, जब उनके मैनेजर से एक इंटरव्यू में बात हुई तो इस निर्णय के पीछे की कहानी का खुलासा किया.  दरअसल आयरलैंड के खिलाफ फील्डिंग करते हुए मिताली राज चोटिल हो गई थीं. जिसके बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए मुकाबले में जगह नहीं दी गई.

 

सोशल मीडिया पर हरमनप्रीत की आलोचना

सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मिताली की कमी पर सवाल पूछने पर कहा , “हम इस मैच में विजयी संयोजन के साथ उतरना चाहते थे. लेकिन मैच में पहली गेंद से पहले ही मिताली का मुद्दा सोशल मीडिया पर जोर-शोर से तूल पकड़ चुका था हमने जो भी फैसला किया वह टीम के हित में किया. कई बार यह सही रहता है और कई बार नहीं. मुझे इसका खेद नहीं है. हमारी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह से बल्लेबाजी की उस पर मुझे गर्व है.”

 

महिला WT20 : इंग्लैंड को हरा ऑस्ट्रेलिया ने चौथी बार जीता विश्व कप खिताब

 

सेमीफाइनल की बाधा नहीं लांघ सका भारत

इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मैच में टीम की सबसे अनुभवी बल्लेबाज मिताली को ही बेंच पर बैठाया गया. इस मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा.

 

इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में घुटने की चोट के कारण मिताली बाहर थीं, लेकिन उससे पहले खेले गए दो मैचों में उन्होंने लगातार अर्धशतकीय पारियां खेली थीं.

 

सेवानिवृत्ति पर विचार

राज के चोटिल होने पर सेमीफाइनल मैच से एक दिन पहले उन्हें फिट घोषित कर दिया गया था. इसके बावजूद प्रबंधन ने उन्हें बेंच पर बैठाकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल करने वाली प्लेइंग इलेवन में बाहर रखा.

 

लेकिन कुल मिलाकर क्रिकेट के जानकार लोग अभी भी इस फैसले से खफा हैं. यह साफ कह रहे हैं कि मिताली को बाहर बैठाने के कारण ही टीम को हार हुई. अब देखने वाली बात यह होगी कि बीसीसीआई इस मामले पर क्या रुख अपनाता है.

 

Previous Article
Next Article

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *