नाटिंघम मे जीत के बाद विराट कोहली ने कहा है एक के बाद एक,लगातार दो मैच हारने के बाद भी हमारी टीम ने खुद पर भरोसा करना नहीं छोड़ा, टीम का हर खिलाडी जानता था की उन्हें बस कुछ और ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी और खुद पर विश्वास को ज़िंदा रखना पड़ेगा, हमारी दो हार के बाद पूरे देश ने हम सब पर से विश्वास खो दिया था पर हमारी टीम के खिलाड़िओ ने नहीं खोया .

तीसरे टेस्ट मैच मे इंग्लैंड के खिलाफ 203 रन की विशाल जीत के बाद कोहली ने कहा कि उन्हें अपने टीम के प्लेयर्स पर गर्व है .और उन्हें खुशी है इस बात की, कि पूरी टीम ने कभी भी हार नहीं मानी और जीत के लिए अधिक प्रयास किया. विराट कोहली ने पूरी टीम की प्रशंसा भी की .

 

श्रंखला मे2-0 से पीछे होने के बाद भी टीम ने खुद पर भरोसा रखा . देश और प्रशंसकों ने जीत की उमीद तक खो दी थी,पर हमारी टीम ने नहीं जिसकी वजह से आज हमने एक टेस्ट मैच जीतकर सीरीज को 1-2 कर दिया . टीम ने सिर्फ उन चीजों को याद रखा जो उनसे ड्रेसिंग रूम के अंदर कही जाती थी जो की होती थी , जैसे कि “हम ये सीरीज अब भी जीत सकते है” जो कि कोहली के सपष्ट शब्द थे .

ये जीत हम सबके लिए बहुत जरुरी थी . “कोहली ने कहा” ये जीत हमारे लिए एक संपूर्ण जीत थी . कोहली ने एक  प्यारी सी तारीफ करते हुए अनुष्का शर्मा के लिए ये भी कहा की उनकी सकारत्मक सोच का श्रेय अनुष्का शर्मा को जाता है और अनुष्का ही वो शक्ति है जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहती है . विराट कोहली ने  अपनी जीत का श्रेय अनुष्का को देते हुए अपनी ये जीत और पारी अनुष्का शर्मा को समर्पित की .कोहली अब तक दो शतक और 440 रन बना चुके है इस सीरीज मे.

 

अगर टीम की बात करे तो कोहली ने ये कहा की टीम मे किसी भी तरह की कोई हड़बड़ाहट नहीं थी, हमने लगातार कोशिश की और अच्छा खेला .बल्लेबाजों ने स्कोर बोर्ड पर रन लगाए और गेंदबाजों ने अपना काम किया, सबने अपने अपने हिस्से का काम बखूबी किया . कोहली ने इस बात को भी ज़ाहिर किया कि उनकी और रहाणे की साझेदारी कितनी जरूरी थी .

कोहली ने ये भी कहा कि अजिंक्य रहाणे एक अच्छी मानसिक स्तिथि से मैदान मे उतरे जिसने पूरी गेम का नतीजा बदल दिया .कोहली से जब होस्ट देश के बारे मे पुछा गया तो उन्होंने ये कहा की उनका अटैक काफी बेहतरीन है, और उनके खिलाफ स्कोर करने के लिए धैर्य और सूझभूज की आवश्यकता होती है . पुजारा और राहाने दोनों ने इन्हीं दोनों चीजों का सहारा लिया. स्ट्रोक्स और बटलर की तारीफ मे कोहली ने ये भी कहा कि जिस तरह की पारी उन्होंने टेस्ट मैच मे खेली इसी तरह की पारी की ही आवश्यकता होती है टेस्ट मैच को जीतने के लिए .

उन्होंने इस बात को भी दर्शाया कि कैसे किसी भी स्तिथि मे बल्लेबाजी को अनुकूल बनाना आना चाहिए .अंत मे कोहली ने ये भी कहा कि उनकी टीम को भी मेजबान टीम से सीखने की जरुरत है की कैसे 400 से ज्यादा रन बनाने के लिए टेस्ट मैच को खेला जाना चाहिए .