August 23, 2018
| On 5 महीना ago

पृथ्वी शा : मुंबई के शानदार उभरते हुए बल्लेबाज

By Vandana Mrigwani
घटना 2013 की है जब एक चौदह साल के युवा खिलाड़ी ने इंटर स्कूल प्रतियोगिता में 330 गेंद में 546 रन बनाकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा.

 

2016 में वही युवा खिलाड़ी अपने रणजी पदार्पण पर शतक लगाता है. अपनी टीम को वह सेमी फ़ाइनल से फ़ाइनल के लिए ले जाता है.
2018 में वह युवा खिलाड़ी अंडर 19 टीम की विश्व कप में कप्तानी करता है और टीम को विश्वकप दिलाता है.
2018 के मध्य तक उस प्रतिभावान युवा खिलाड़ी पृथ्वी शा को 18 वर्ष की उम्र में भारतीय राष्ट्रीय टीम में चुन लिया जाता है. शा ने चौदह फ़र्स्ट क्लास मुकाबलों में दो शतक की मदद से 56.72 की औसत रन बनाए.
यह घटनाएं पृथ्वी शा के उदय को दर्शाती हैं. मुंबई के इस बल्लेबाज की शानदार ड्राइव और ऑफसाइड पर पंच देखने लायक होते हैं. पृथ्वी को बड़े स्कोर बनाने की आदत है. पिछली बारह पारियों में उन्होने कुल 4 शतक लगाये. उनके पास अर्ध शतक से ज्यादा शतक हैं. (सात शतक और पांच अर्ध शतक).

 

गौरतलब है कि पृथ्वी शा की कहानी काफी प्रेरणादायक है. अब तक वे काफी संघर्षरत रहे. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने चार वर्ष की आयु में ही अपनी माँ को खो दिया था, तब से पृथ्वी के जीवन का एकमात्र लक्ष्य क्रिकेट बन चुका है. उनके पिता ने अपने बिजनेस को परे रख कर उन्हे मुंबई के मैदानों में पहुंचाया. वे दोनों की घंटे मुंबई के ट्रेफिक में रहते थे.

 

शा पहले इंग्लैंड में खेल चुके हैं. उन्होने अब तक पांच बार इंग्लैंड का दौरा किया है. उन्हे मैंचेस्टर के एक स्कूल से खेलने का न्योता आया था तब उन्होने उस दौरे पर 1000 से ज्यादा रन बनाये थे. पिछली बार वे भारत ए के साथ इंग्लैंड के दायरे पर थे. इंडिया ए के साथ दौरे के दौरान उन्होने कुल 70,132,102 और 188 का स्कोर किया था. इन स्कोर ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्हे राष्ट्रीय टीम में चुन लिया गया.

 

चौथा टेस्ट मैच 30 अगस्त से खेला जाएगा. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उन्हे शिखर धवन या के एल राहुल के स्थान पर खिलाया जाता है.
Vandana Mrigwani

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