HOCKEY WORLD CUP 2018: क्या 43 साल के सूखे को इस बार खत्म कर पाएगी भारतीय हॉकी टीम?

28 नवंबर से अभियान की शुरुआत

2018 हॉकी विश्व कप का 14वां संस्करण भुवनेश्वर में 28 नवंबर से खेला जाएगा. इस हॉकी विश्व कप में 16 देश हिस्सा ले रहे हैं. सभी 16 देशों को चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है. हॉकी विश्व कप में भारत ग्रुप सी में रखा हैं. इस ग्रुप में बेल्जियम, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका की टीमें भी शामिल हैं.

 

  1. ग्रुप ए- अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, स्पेन और फ्रांस
  2. ग्रुप बी- ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, आयरलैंड और चीन
  3. ग्रुप सी-भारत, बेल्जियम, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका
  4. ग्रुप डी-नीदरलैंड्स, जर्मनी, मलेशिया और पाकिस्तान

1975 से अब तक का सफ़र 

विश्व कप हॉकी की शुरुआत 1971 में हुई थी. अभी तक पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा चार बार खिताब जीत कर इस सीरीज पर कब्ज़ा किया था. ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स ने तीन-तीन और जर्मनी ने दो बार विश्व कप पर कब्ज़ा किया है.

 

भारत ने 1975 में विश्व कप आपने घर लाया था. 1975 के बाद से भारतीय हॉकी टीम के फैंस को पिछले 43 साल से विश्व कप का इंतजार है.ऐसे में विश्व कप भारत में हो तो टीम के लिहाज से और भी अच्छा हैं और ऐसे में भारतीय हॉकी टीम को प्रबल दावेदार मानने में क्या संदेह होगा.

6  टीमों में देखने को मिलेगी भिड़त 

पाकिस्तान चार बार हॉकी विश्व कप जीत चुकी है. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के पास मौका है इस ख़िताब को अपने नाम करने का. जैक व्हिटन और ट्रेंट मिटन की मौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया की टीम का मैदानी गोल करने में कोई सानी नहीं है. पेनल्टी कॉर्नर जेरमी हेवर्ड के रूप में बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर हैं. ऑस्ट्रेलिया का रक्षण बेजोड़ है इसमें कोई भेद नहीं हैं.

 

 

एफआईएच रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, बेल्जियम, नीदरलैंड, भारत और जर्मनी शुरू से ही छह शीर्ष हॉकी टीमें हैं. जिनके बीच गोल करने का फासला बहुत कम हुआ है. ऐसे में ओडिशा विश्व कप में कोई भी टीम जीत हार के फर्क को आसानी से पार कर सकती हैं. जिनमें जर्मनी एक ऐसी टीम हैं जो पूरे खेल को पलट सकती हैं .इनमें से किसी भी टीम को कमतर नहीं आंका जा सकता.

 

HOCKEY WORLD CUP 2018: इन 6 खिलाड़ियों पर टिकी हैं सभी की निगाहें

 

Previous Article

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *