लंच में हुई देरी से जानिये कैसे धोनी ने जाधव की प्रतिभा को पहचाना!

Updated on: Sep 21, 2018 4:51 pm IST

  • भरोसेमंद गेंदबाज बनकर उभरे हैं केदार जाधव

     

    केदार जाधव भारतीय टीम में भरोसेमंद गेंदबाज बनकर उभरे हैं. उनकी अनओर्थोडोक्स स्पिन गेंदबाजी ने टीम को गेंदबाज के रूप में एक अतिरिक्त विकल्प भी दिया है और वे लगातार विकेट चटकाकर भरोसेमंद गेंदबाज के रूप में भी उभर रहे हैं.

     

    जाधव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर एक भरोसेमंद और विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में उभर रहे हैं पर उन्होने घरेलू क्रिकेट में न के बराबर गेंदबाजी की है. और घरेलू क्रिकेट में उनके नाम केवल एक विकेट है. तो ऐसा क्या हुआ जब आक्रामक मध्य क्रम का बल्लेबाज, भरोसेमंद गेंदबाज बन गया?

     

    धोनी ने जाधव की प्रतिभा को पहली बार पहचाना था

     

    भारतीय क्रिकेटर ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि वे किस प्रकार गेंदबाज के तौर पर उभरे. जाधव ने बताया कि यह सब धर्मशाला में होने वाले न्यूज़ीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय से पहले अभ्यास सत्र में हुआ.
    अभ्यास सत्र के दौरान सभी खिलाड़ी अभ्यास कर चुके थे और अभ्यास सत्र ख़त्म होने वाला था. इसी बीच कुछ कारणों से लंच को डीलेय कर दिया गया जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को अभ्यास जारी रखने के निर्देश दिए गए. इस बीच मुख्य स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल और अमित मिश्रा के साथ केदार जाधव को भी गेंदबाजी के लिए कहा गया.

     

    उस सत्र में जाधव ने महेंद्र सिंह धोनी को गेंदबाजी की जहां धोनी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना. उस शृंखला में साझेदारीयों को तोड़ने के लिए केदार जाधव की गेंदबाजी का प्रयोग किया गया. और उस शृंखला में अच्छा प्रदर्शन करके केदार जाधव भारत की मध्य क्रम की योजनाओं का हिस्सा बन गये.

     

    योजनाओं से अलग फैसले लेने में माहिर हैं धोनी

     

    यह पहली बार नहीं था जब धोनी ने योजना से अलग कोई फैसला लिया. 2013 में भी धोनी ने रोहित शर्मा को सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी सौंप कर योजना से अलग फैसला लिया था. उस घटना के बाद से रोहित शर्मा उम्दा सलामी बल्लेबाज बनकर उभरे हैं और अब तक 3 दोहरे शतक भी लगा चुके हैं. अंबाती रायुडू के साथ भी यही हुआ. धोनी की कप्तानी में उन्होने आइपीएल का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया.

     

    जसप्रीत बूमराह का टॉप रैंकिंग में पहुंचने का सफर भी धोनी से ही शुरू हुआ था, और धोनी ही थे जिन्होने बूमराह की प्रतिभा को पहचाना था.
    गेंदबाजी के बारे में बात करते हुए जाधव ने कहा कि धोनी ने उन्हे गेंदबाजी करने के लिए कहा था, और उसके बाद से उनकी ज़िन्दगी पूरी तरह बदल गई.

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    How a late lunch helped Dhoni discover Jadhav’s bowling prowess

    Updated on: Sep 21, 2018 2:15 pm IST

  • Kedar Jadhav’s phenomenal rise as a trusted bowler

    Kedar Jadhav has emerged as the X-factor in team India. His unorthodox spin bowling is not only giving the team a solid option in the middle overs but his ability to pick wickets on regular basis has made him a man with the golden arm.

    But the Indian cricketer’s rise as a trusted bowler for the captain has been phenomenal considering the fact that Jadhav rarely bowled in domestic cricket and in fact has only one wicket in first-class cricket. So how did the aggressive middle-order batsman suddenly realize his bowling potential?

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    Dhoni the first to spot Jadhav’s bowling talent 

    The Indian cricketer himself revealed the curtains on this issue while interacting with the media. Jadhav said that it all began in Dharamshala in October 2016 when Team India was training ahead of the ODI against New Zealand.

    Image credits @ AFP

    The team was almost done with the practice session but as the lunch was delayed for some reasons, Indian players were forced to stay in the nets and work in batches. The frontline spinners Axar Patel and Amit Mishra were a part of the other group and hence Jadhav was asked to roll his arm.

    Reluctantly, Jadhav bowled for a while and MS Dhoni who observed him closely was more than impressed with Jadhav’s abilities. In that series, Jadhav was made to bowl whenever the team needed to break a partnership and the bowler responded effectively by claiming wickets. And soon the spinner became an integral part of India’s middle over plans.

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    Dhoni, the master of path-breaking decisions

    This is not the first time Dhoni has made an out-of-the-box move which has worked for the team. In 2013, Dhoni resurrected Rohit Sharma’s career by asking him to open the innings. Since then Rohit has become the most prolific opener in international cricket and the same can been said about Ambati Rayadu who had his best IPL season in 2018 when he played under Dhoni’s leadership.

    Similarly, Dhoni fast-tracked Jasprit Bumrah’s entry into international cricket and today Bumrah is the top-ranked bowler in ICC ODI rankings.

    Speaking about his bowling, the Indian cricketer added that since the time Dhoni asked him to bowl in the New Zealand series, his life has completely changed and he feels confident about it.

     

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