टी20 और एकदिवसीय श्रृंखला में मिले जुले परिणाम के बाद भारत इस टेस्ट सीरीज को जीत कर 2014 के दौरे में मिली हार को भुलाना चाहेगा. भारत के पास अपने रिकॉर्ड बेहतर करने का ये काफी अच्छा मौका है. टेस्ट सीरीज काफी ज्यादा दर्शनीय है, क्योकि दोनों ही टीम एक दूसरे के खिलाफ काफी उम्दा प्रदर्शन करते हुए आई हैं. और दोनों ही टीम विश्व की अच्छी टीम मानी जाती हैं.

 

इंग्लैंड का गेंदबाजी विभाग जेम्स एंडेरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के मजबूत कंधे पर होगा, और वहीं भारतीय गेंदबाजी की कमान उमेश यादव, ईशांत शर्मा और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज संभालेंगे.

 

 

रूट की काउंटी क्रिकेट में लंकाशायर के विरूद्ध की गई गेंदबाजी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस मैच में उन्होने ऐसा कुछ किया कि गेंदबाजी में वे तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं. हालांकि इंग्लैंड के कप्तान को खेल के लंबे प्रारूप में गेंदबाजी करते हुए कम देखा गया है, पर उनकी गेंदबाजी इंग्लैंड के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है.

 

लंका शायर के विरुद्ध रूट ने पांच रन देते हुए कुल 4 विकेट झटके. उन्होंने 69 पर खेल रहे जोस बटलर को भी अपनी करिश्माई गेंदबाजी से चलता किया.

 

खेल के लंबे प्रारूप में रूट एक किफायती और काफी मददगार गेंदबाज साबित हो सकते हैं.

 

अपने खेले गए 69 मैच में उन्होने कुल 19 विकेट झटके हैं, जिसमें उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 9 रन देकर 2 विकेट हैं.

 

रूट ने अबतक अपने टेस्ट करियर में 52.28 की औसत से कुल 129 पारियों में 5960 रन बनाए हैं. 

 

रूट के लिए गए विकेट की खबर भारत के लिए निराशा का सबब बन सकती है, क्योकि भारत अपने मुख्य गेंदबाजों बूमराह और भुवनेश्वर की चोट के कारण बाहर होने से पहले ही परेशान है. जो रूट ने अपने बल्ले से कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था, पर लंकाशायर और यॉर्कशायर के इस मैच में की गई गेंदबाजी भारत के लिए सरदर्द साबित हो सकती है. रूट कभी कभी गेंदबाजी करते है, पर वे महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी गेंदबाजी से कई जरूरी विकेट ले सकते हैं.